वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2020 का बजट पेश कर रही हैं। बजट के अंतर्गत सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर भी प्रावधान किए हैं। सरकार महिलाओं के विकास के लिए तकरीबन 28 हजार 600 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना के भी सुखद नतीजे मिले हैं। आइए आपको बताते हैं महिलाओं से जुड़ी योजना के लिए सरकार की क्या है प्लानिंग
स्मार्टफोन से 10 करोड़ महिलाओं तक पहुंचेगी मोदी सरकार, बजट में स्त्री शक्ति को मिलेंगे 28,600 करोड़
महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 28,600 करोड़ रूपये खर्च करने की बात की जा रही है। जिसमें 6 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए गए स्मार्टफोन शामिल हैं, जो दस करोड़ घरों की महिलाओं तक पहुंचने के लिए उनको दिए गए हैं। जो पोषण आहार से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं और अगले छह महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।
इसके अलावा वित्त मंत्री का कहना है कि बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ अभियान के नतीजे काफी अच्छे रहें हैं। प्राइमरी शिक्षा में बच्चों का प्रतिशत 94 प्रतिशत के करीब रहा है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में लड़कियों का प्रतिशत भी बढ़ा है। महिला स्वास्थ्य पर भी निगाह रखी जा रही है।
पिछले साल 2019 में महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की योजनाओं पर खास ध्यान दिया था। उन्होंने कहा था कि महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ब्याज सब्सिडी का सभी जिलों में विस्तार किया जाएगा।
इसके साथ ही पिछले बजट में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग की महिला उद्यमियों को स्टैंड अप इंडिया स्कीम के तहत काफी लाभ दिया गया था। मुद्रा योजना के तहत महिला सदस्यों को एक लाख तक का लोन और 5000 रूपये के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा सरकार ने दी थी।

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