महिला सशक्तिकरण की बात करते समय उन महिलाओं की चर्चा करना बहुत आवश्यक हो जाता है जो समाज को जीने का नया नजरिया देती हैं, समाज में सकारात्मकता का संचार करती हैं जिससे दूसरी महिलाओं को भी कुछ बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। शक्ति के आज के इस अंक में हम बात कर रहे हैं, अनुषा श्रीनिवासन अय्यर की। जर्नलिज्म से लेकर खेल, जानवरों से मोहब्बत से लेकर क्राइम पेट्रोल जैसे चर्चित कार्यक्रमों को लिखने वाली अनुषा की जिंदगी महिलाओं के लिए काफी प्रेरणादायक है।
Anusha Srinivasan: कौन हैं अनुषा श्रीनिवासन, जिन्हें सूरज बड़जात्या ने कहा- मेरी सारी फिल्में आप करेंगी
अनाथ जानवरों की मां
अनुषा कहती हैं, जब आप किसी चीज से प्यार करते हैं, तो आप हमेशा उसके लिए समय निकालते हैं। सभी के लिए ये जरूरी है, मैं हमेशा से ऐसी ही रही हूं। आंखें फूटी या टूटी टांग और हड्डियों के साथ जानवर अगर बेघर दिखते हैं तो उन्हें मैं घर ले आती हूं, उनकी सेवा की जाती है और फिर वो हमारे घर के सदस्य बन जाते हैं।
जानवरों से मैंने माफ करना, जीवन में आगे बढ़ना सीखा है। लोग इनके साथ क्या कुछ नहीं करते, लेकिन ये उन्हें माफ कर देते हैं। ये भाव सिर्फ इन्हीं जानवरों में ही होता है।
पत्रकारिता से लेकर खेल तक की सफर
अनुषा के परिवार में शुरुआत से ही लिखने-पढ़ने का माहौल रहा था। पापा पब्लिकेशन हाउस में काम करते थे, उन्हें देखते-देखते अनुषा की रुचि अखबारों की तरफ बढ़ी। बाद में भाई-बहन दोनों ने पत्रकारिता को प्रोफेशन के रूप में चुना।
पत्रकारिता के साथ-साथ अनुषा की रुचि खेलों में भी खूब रही है। वो नेशनल लेवल पर भी खेल चुकी हूं। राज्य स्तर पर बास्केट बॉल और नेशनल लेवल पर हैंड बॉल खेलने वाली अनुषा खेल पत्राकरिता में पहचान रखती हैं।
सूरज बड़जात्या ने दिया आशीर्वाद
खेल-पत्रकारिता के साथ अनुषा ने कई मशहूर टीवी शोज जैसे क्राइम पेट्रोल, परछाइयां में लेखन किया। अनुषा एक इंटरव्यू में बताती हैं, निर्देशक सूरज बड़जात्या ने मेरा काम देखा और बहुत खुश हुए। इतना ही नहीं उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे कहा आप जब इंडिपेंडेंट हों तो मेरी सारी फिल्में आप ही करेंगी। मशहूर फिल्म ‘विवाह’ में सूरज बड़जात्या के प्रोडक्शन के लिए काम भी किया।
अनुषा जैसी सशक्त महिलाएं, इस समाज के लिए प्रेरणा हैं और अन्य महिलाओं को जीवन में बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं।

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