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अयोध्या का राम मंदिर: वर्ल्ड मीडिया में छाया प्राण प्रतिष्ठा समारोह, पीएम मोदी और सरकार पर किसने क्या कहा?

Mon, 22 Jan 2024 06:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 22 Jan 2024 06:27 PM IST
सार

Ayodhya Ram Temple: राम भक्तों का सदियों का इंतजार अब खत्म हो गया है। रामलला अब अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजा अर्चना हुई। समारोह की इस समय देश-दुनिया में काफी चर्चा हो रही है। दुनियाभर के मीडिया ने इसे कैसे कवर किया है। आइए विस्तार से पढ़ते हैं। 

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Ayodhya's Ram Temple: World media reaction on Pran Pratishtha ceremony, PM Modi and Government
विश्व मीडिया में छाया प्राण प्रतिष्ठा समारोह। - फोटो : अमर उजाला।

राम भक्तों का सदियों का इंतजार अब खत्म हो गया है। रामलला अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजा अर्चना हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की इस समय देश-दुनिया में काफी चर्चा हो रही है। दुनियाभर के मीडिया ने इस कार्यक्रम को कैसे कवर किया है। आइए विस्तार से पढ़ते हैं। 

Ayodhya's Ram Temple: World media reaction on Pran Pratishtha ceremony, PM Modi and Government
राम मंदिर बीबीसी की कवरेज - फोटो : अमर उजाला।

ब्रिटेन से संचालित 'बीबीसी' ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। खबर का शीर्षक दिया गया है- 'अयोध्या राम मंदिर: भारत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस स्थल पर हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया'। खबर में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में भगवान राम के एक भव्य मंदिर का उद्घाटन किया है। यह मंदिर उस जगह पर बना है, जहां पर 16वीं सदी की मस्जिद थी। जिसे 1992 में हिंदू भीड़ ने ध्वस्त कर दिया था। विध्वंस ने देशव्यापी दंगों को जन्म दिया था। जिसमें लगभग 2,000 लोग मारे गए थे। 

खबर में आगे कहा गया, 'अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में शीर्ष फिल्मी सितारों और क्रिकेटरों सहित हजारों आमंत्रित अतिथि शामिल हुए। लेकिन कुछ हिंदू संतों और विपक्ष ने यह कहते हुए इसका बहिष्कार किया कि (पीएम) मोदी राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत में अगले कुछ महीनों में आम चुनाव होने हैं। मोदी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश में मंदिर के नाम पर वोट मांगेगी, क्योंकि अस्सी फीसदी आबादी हिंदू है।' 

इसमें आगे कहा गया, 'आलोचकों ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया है कि वह ऐसे देश में धार्मिक उत्सव को बढ़ावा दे रही है, जो संविधान के मुताबिक धर्मनिरपेक्ष है। मंदिर का निर्माण 217 मिलियन डॉलर की लागत से किया गया है। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि इसे निजी दान से वित्त पोषित किया गया है।' 

Ayodhya's Ram Temple: World media reaction on Pran Pratishtha ceremony, PM Modi and Government
अलजजीरा में राम मंदिर पर कवरेज - फोटो : अमर उजाला।

वहीं, कतर से संचालित 'अलजजीरा' ने भी इस खबर को प्रमुखता दी है। उसने खबर का शीर्षक दिया- 'भारत के मोदी ने अयोध्या में मस्जिद विध्वंस स्थल पर किया राम मंदिर का उद्घाटन'। खबर में कहा गया, 'भारत के प्रधानमंत्री ने उत्तरी शहर अयोध्या में एक ऐतिहासिक मुगल-काल की मस्जिद के खंडहरों पर बने हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया है। भगवान राम को समर्पित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा मोदी की बहुसंख्यक हिंदू राष्ट्रवादी राजनीति की जीत का प्रतीक है। यह इस साल होने वाले आम चुनाव से पहले चुनाव अभियान की अनौपचारिक शुरुआत है।' 

खबर में कहा गया, 'मोदी ने सुनहरे रंग की पारंपरिक पोशाक पहनी हुई थी। उन्होंने नई दिल्ली से करीब 700 किमी पूर्व में अयोध्या में 50 मीटर (164 फुट) के मंदिर के केंद्र में भगवान के काले पत्थर की मूर्ति का अनावरण किया। मंदिर का निर्माण उस जगह पर किया गया है, जहां मुगल सम्राट बाबर के नाम पर बाबरी मस्जिद सदियों तक खड़ी थी। जिसे 1992 में हिंदू भीड़ द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। खबर में कहा गया है कि हिंदू भारत की आबादी के करीब 80 फीसदी हिस्सा हैं। जो दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। जो 200 मिलियन (20 करोड़) मुसलमानों का भी घर है। इसमें कहा गया है कि मुसलमान 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद से अक्सर हिंदू राष्ट्रवादियों के हमलों का शिकार हुए हैं।'

इसमें कहा गया, 'मंदिर राम का पवित्र निवास है। जो हिंदू पंथ के सबसे लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं। लाखों हिंदू इस विश्वास के साथ राम की पूजा करते हैं कि विपत्ति के समय उनके नाम का जाप करने से शांति और समृद्धि आएगी। हिंदू धर्म का पालन करने वाले ज्यादातर लोग अपने घरों में राम की मूर्तियां रखते हैं। दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख हिंदू त्योहार सत्य, बलिदान और नैतिक शासन के गुणों वाले राम की पौराणिक कथाओं से जुड़े हैं।'

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Ayodhya's Ram Temple: World media reaction on Pran Pratishtha ceremony, PM Modi and Government
गार्डियन में राम मंदिर की कवरेज। - फोटो : अमर उजाला।

ब्रिटेन के दैनिक समाचार पत्र 'गार्डियन' ने भी इस खबर का इसी तरह का शीर्षक दिया है। उसने शीर्षक में लिखा- 'मोदी ने मस्जिद स्थल पर हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया'। खबर में कहा गया, 'भारतीय शहर अयोध्या में कट्टरपंथी हिंदुओं की भीड़ द्वारा एक मस्जिद को ध्वस्त करने के तीन दशक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी जगह पर हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया है।' 

खबर में कहा गया, 'कुछ लोगों के लिए मंदिर का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्षण का प्रतीक है। कई हिंदू अयोध्या को भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं। कई मानते हैं कि एक सदी से ज्यादा समय के विवाद के बाद स्थान को कब्जे से मुक्त कराया गया है। मोदी ने खुद इसे उस सपने का पूरा होना बताया है, जिसे कई लोगों ने वर्षों से संजोया हुआ था।' 

खबर में बताया गया है कि एक 22 वर्षीय ड्राइवर अर्जुन कुमार ने पिछले बीस दिन में दिल्ली से अयोध्या तक की 750 किलोमीटर तक की पैदल यात्रा की। अर्जुन ने बताया, 'मैं इसे अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा मानता हूं। मेरे कई दोस्त इस यात्रा को लेकर डरे हुए थे। लेकिन, हम भगवान राम के अनुयायी हैं। हमें कोई नहीं रोक सकता है। मुझे लगता है कि हर हिंदू को यहां आकर यह संदेश देना चाहिए कि यह देश हमारा है और हमें कोई नहीं रोक सकता।' 

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Ayodhya's Ram Temple: World media reaction on Pran Pratishtha ceremony, PM Modi and Government
अयोध्या में राम मंदिर पर न्यूयॉर्क टाइम्स की कवरेज। - फोटो : सोशल मीडिया

अमेरिका के प्रमुख अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर एक विस्तृत खबर प्रकाशित की है। इसका शीर्षक दिया गया- 'मोदी ने एक विशाल मंदिर का किया उद्घाटन, भारत में हिंदू फर्स्ट की जीत'। खबर में बताया गया है कि किस तरह से नरेंद्र मोदी सहित कार्यकर्ताओं और आयोजकों ने पैदल चलकर भव्य हिंदू मंदिर बनाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और लाखों डॉलर एकत्र किए। खबर में कहा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए दो लाख गांवों से ईंटों को उस पवित्र शहर भेजा गया, जिसे भगवान राम का जन्मस्थान माना जाता है। खबर में कहा गया, 'मोदी अब देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया।' 

खबर में कहा गया, 'पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमारे राम आए हैं। सदियों के धैर्य और बलिदान के बाद हमारे भगवान राम आए हैं। यह एक नए युग की शुरुआत है।' न्यूयॉर्क टाइम्स ने आगे लिखा, 'यह हिंदू राष्ट्रवादियों के लिए जीत और कई अन्य लोगों के लिए खुशी का क्षण है। भगवान राम के भारत में काफी अनुयायी हैं। मंदिर के आसपास हफ्तों से उत्साह का माहौल था। सड़कें और बाजार भगवा रंग से पटे हुए थे। राम के पोस्टर में हर जगह इस कार्यक्रम के विज्ञापन थे।' 

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