वापसी की अधूरी आस लिए जहीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
तेज गेंदबाज जहीर खान के टीम इंडिया में एक बार फिर से खेलने की ख्वाहिश अधूरी रह गई क्योंकि एक दशक तक टीम के नियमित सदस्य रहे इस गेंदबाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। वह लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर थे।
वापसी की अधूरी आस लिए जहीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
भारतीय टेस्ट इतिहास में महान कपिल देव के बाद दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज जहीर खान ने आगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलने का फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह बेहद सफल रहे हैं। उनके खाते में 600 से भी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं।
वापसी की अधूरी आस लिए जहीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
2008 में विज्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर बने तेज गेंदबाज जहीर खान का करियर बेहद शानदार रहा है। वह इन और आउट दोनों तरह से स्विंग कराने में माहिर थे। उन्होंने 309 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 610 विकेट लिए हैं।
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बाएं हाथ से गेंदबाजी करने वाले जहीर खान दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते रहे हैं। वह 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया के मुख्य शिल्पकार थे। उन्होंने 9 मैचों में 21 विकेट झटके थे। उसी साल उन्हें देश से दूसरे सबसे बड़े खेल पुरस्कार अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा भी गया था।
वापसी की अधूरी आस लिए जहीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
कभी टीम इंडिया के गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य हथियार रहे जहीर खान ने अपने करियर में 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी-20 मैच खेले थे जिसमें उन्होंने क्रमश: 311, 282 और 17 विकेट झटके थे।