पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट
यूं तो पिछले 50 सालों में ढेरों नायाब पारियां खेली गई हैं। एक क्रिकेट मैगजीन ने इन 50 सालों में 50 शानदार पारियां चुनी हैं। क्रिकइंफो की 'द क्रिकेट मंथली' नाम की मैगजीन ने यह सूची 25 सदस्यों के एक पैनल की मदद से तैयार की है जिसमें कई पूर्व क्रिकेटर, कमेंट्रेटर, इतिहासकार और आंकड़ों के विशेषज्ञ शामिल थे। वोटिंग के जरिए ये पारियां तय की गई हैं। जानते हैं, बल्लेबाजों के नाम और ताजा करते हैं उनकी वे ऐतिहासिक पारियों को।
(विवरण चढ़ते क्रम में है)
पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट
वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स इस श्रेणी में दसवें नंबर पर हैं। 1966 में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए पुरानी नहीं। इस कैरेबियाई कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ बल्ले और गेंद दोनों से अपना जलवा दिखाया था। पहले 174 रनों की शतकीय पारी खेली। फिर पहली पारी में 41 रन देकर 5 विकेट और दूसरी पारी में 39 रन देकर 3 विकेट झटककर टीम को जीत दिलाई। 5 मैचों की यह टेस्ट सीरीज वेस्टइंडीज 3-1 से जीतने में सफल रहा था।
पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट
इंग्लैंड के महान कप्तान और क्रिकेटरों में शुमार ग्राहम कोच की 1991 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई शतकीय पारी इस क्रम में नवें नंबर पर है। इस पूर्व कप्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत का जीत का सूखा 21 साल के इंतजार के बाद तोड़ा। मैच में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते बाधा आई लेकिन ग्राहम ने हिम्मत नहीं हारी और दोनों पारियों में क्रमश: 34 और 154 रनों की पारी खेलकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट
श्रींलका के महान स्पिनर मुथैय्या मुरलीधरन 8वें नंबर पर आते हैं। 1998 में इंग्लैंड के ओवेल मैदान में मेजबान टीम के खिलाफ दोनों पारियों में कुल 16 विकेट (पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 9 विकेट) लेकर टीम को जीत दिलाई। जिसकी बदौलत अर्जुन रणतुंगा की कप्तानी श्रीलंकाई टीम 10 विकेट से मैच जीतने में सफल रही।
पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज बॉब मेसी भले ही कुल 6 टेस्ट मैच खेले हों। लेकिन इतने कम अंतराल में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित किया। एशेज सीरीज 1972 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में इन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड को सकते में डाल दिया था। दोनों पारियों में 8-8 विकेट लेकर इन्होंने इंग्लैंड बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी। ऑस्ट्रेलिया यह मैच 8 विकेट से जीता।