मैदान पर मजहब: और भी क्रिकेटर रहे चर्चा में
श्रीलंका में पिछले दिनों पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने वनडे मैच खत्म होने के बाद श्रीलंका के क्रिकेटर दिलशान तिलकरत्ने को धर्म परिवर्तन करने की सलाह दी थी। मैदान से ड्रेसिंग रूम लौटते समय एक वीडियो फुटेज में उनकी यह बात पकड़ में आने के बाद पीसीबी ने अपने क्रिकेटर को तलब किया है।
मैदान पर मजहब: और भी क्रिकेटर रहे चर्चा में
धार्मिक विवादों में फंसने वाले अहमद शहजाद पहले क्रिकेटर नहीं हैं। इससे पहले भी कई क्रिकेटर अपनी धार्मिक भावनाओं को मैदान पर या मैदान के बाहर उजागर कर चुके हैं।
मैदान पर मजहब: और भी क्रिकेटर रहे चर्चा में
आइए, जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन से क्रिकेटर हैं जो क्रिकेट के अलावा धार्मिक भावनाओं के कारण चर्चा में रहे।
मैदान पर मजहब: और भी क्रिकेटर रहे चर्चा में
इंग्लैंड के फिरकी गेंदबाज मोइन अली भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के एक मैच में गाजा पट्टी पर फलस्तीन पर हो रहे इजराइली हमलों के विरोध में गाजा का समर्थन करते हुए कलाई पर एक बैंड बांधी थी, जिसे बाद में आईसीसी ने पहनने पर रोक लगा दी। हालांकि इस कारण वह सुर्खियों में जरूर रहे।
मैदान पर मजहब: और भी क्रिकेटर रहे चर्चा में
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज वाएने पार्नेल ने जुलाई, 2011 में ऐलान किया कि उन्होंने उसी साल जनवरी में इस्लाम धर्म कबूल कर लिया। वह ईसाई से मुस्लिम होने वाले दूसरे क्रिकेटर हैं। धर्म परिवर्तन के बाद उन्होंने अपना नाम वलिद रख लिया जिसका अर्थ होता है 'नवजात पुत्र'।