धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे मुस्ताफिजुर रहमान
20 साल के मुस्ताफिजुर रहमान ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है अपनी जोरदार गेंदबाजी से। फटाफट क्रिकेट में वह धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे हैं। उनकी गेंद पर बड़ा शॉट लगाने से बल्लेबाजों को डर लगता है। श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की उसने यह जता दिया कि वह अगले महीने होने वाले वर्ल्ड कप में बड़े सितारे बन सकते हैं।
धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे मुस्ताफिजुर रहमान
एशिया कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी वर्ल्ड चैंपियन टीम को बांग्लादेश जैसी कमतर टीम से उलटफेर का सामना करते हुए हार का सामना करना पड़ा है। टी-20 क्रिकेट में बांग्लादेश ने श्रीलंका को पहली बार हराया है। यूं तो जीत के हीरो रहे सब्बीर रहमान जिन्होंने 54 गेंदों में 80 रनों की तूफानी पारी खेली थी। लेकिन उनके खास गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान का भी रोल कम नहीं रहा।
धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे मुस्ताफिजुर रहमान
श्रीलंका के खिलाफ बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही और पहले 8 गेंदों में अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों (मोहम्मद मिथुन और सौम्य सरकार) के विकेट गंवा दिए थे जो खाता भी नहीं खोल पाए। फिर सब्बीर रहमान ने 80 रनों की पारी खेलकर टीम के स्कोर को 147 रनों तक पहुंचा दिया, ठीकठाक शुरुआत के बाद श्रीलंका के बल्लेबाज बांग्ला आक्रमण का सामना नहीं कर पाए और टीम पूरे 20 ओवर खेलकर लक्ष्य से 23 रन दूर रह गई।
धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे मुस्ताफिजुर रहमान
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान ने इस मैच में कंजूसीभरी गेंदबाजी की और 4 ओवर में सिर्फ 19 रन दिए जिसने श्रीलंका का हिसाब-किताब बिगाड़ कर रख दिया। यह वही गेंदबाज हैं जिन्होंने पिछले साल टीम इंडिया के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत की और पहले 2 मैचों में 5 या से ज्यादा विकेट झटककर भारत को हार की ओर ढकेल दिया था। तब भारत पहली बार बांग्लादेश के हाथों कोई सीरीज हार गया था।
धुरंधर बल्लेबाजों को रोकने में माहिर होते जा रहे मुस्ताफिजुर रहमान
इस बार मुस्ताफिजुर रहमान ने वर्ल्ड चैंपियन टीम को अपनी कसी हुई गेंदबाजी से धूल चटा दिया। उन्होंने अपने खेले 10 टी-20 मैचों में 7वीं बार 5.0 या उससे कम रन खर्च किए हैं। खास बात यह रही है कि वह टीम के खास गेंदबाज हैं और इन सभी 7 पारियों में 20 से ज्यादा गेंदें भी डाली हैं।