गजब की शुरुआत, करियर के पहले ही साल में बनाए खूब रन
कभी-कभी किसी क्रिकेटर की शुरुआत ऐसी हो जाती है कि जिसका अंदाजा खुद उस बल्लेबाज को भी नहीं होता है। साल 2015 में भी एक बल्लेबाज ने साल के मध्य में 35 वसंत देखने के बाद अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की और कमाल का खेल दिखाते हुए रिकॉर्डबुक में नाम लिखा लिया। (प्रस्तुति और संकलन- सुरेंद्र)
गजब की शुरुआत, करियर के पहले ही साल में बनाए खूब रन
ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम के 35 साल के नवोदित बल्लेबाज एडम वोग्स को भले ही देर से एंट्री मिली हो लेकिन उसे देरी को पीछे छोड़ते हुए रन बनाने के अभियान में लग गए। उनका अभियान ऐसा रहा कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के पहले ही साल में ताबड़तोड़ शतक ठोंककर एक हजार रन बना लिए। आइए, जानते हैं ऐसे टेस्ट क्रिकेट के ऐसे फटाफट बल्लेबाजों को जिन्होंने अपने पहले ही साल में कमाल कर दिया।
गजब की शुरुआत, करियर के पहले ही साल में बनाए खूब रन
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इससे बड़ी शुरुआत क्या हो सकती है कि बल्लेबाज अपने पहले ही साल में छाप छोड़ने में कामयाब हो जाएं। टीम इंडिया के लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने 1971 में टेस्ट करियर शुरू किया और उस साल 4 शतक ठोंकते हुए 83.45 की औसत से 918 रन बना लिए। अपने पहले ही साल में उम्दा बल्लेबाजी करने में मामले में सनी पांचवें नंबर पर हैं।
गजब की शुरुआत, करियर के पहले ही साल में बनाए खूब रन
अपने करियर के पहले ही साल में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चौथे पायदान पर हैं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस। स्ट्रॉस ने 2004 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की और 60.69 की औसत से खेलते हुए 4 शतकों के साथ 971 रन बनाए।
गजब की शुरुआत, करियर के पहले ही साल में बनाए खूब रन
इस मामले मे तीसरे पायदान पर हैं इंग्लैंड के ही वर्तमान कप्तान एलिस्टर कुक। कुक ने अपने करियर की शुरुआत 2006 में की और पहले ही साल गावस्कर और स्ट्रॉस की तरह 4 शतक ठोंकते हुए 1013 रन बना लिए। इस दौरान उनका औसत रहा 46.05।