पहली पारी में 0, दूसरी में शतक, भारतीय क्रिकेट के ये 7 'सूरमा'
टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाना एक बड़ी उपलबि्ध मानी जाती है। लेकिन किसी भी बल्लेबाज के लिए शतक लगाना उस समय और बेहद खास हो जाता है जब वह पहली पारी में खाता भी न खोल पाए।
पहली पारी में 0, दूसरी में शतक, भारतीय क्रिकेट के ये 7 'सूरमा'
आज हम आपको उन भारतीय बल्लेबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पहली पारी में शून्य पर आउट हो गए लेकिन जब दूसरी पारी खेलने उतरे तो शतक ही ठोंक दिया। भारतीय टेस्ट इतिहास में ऐसा सिर्फ 7 बार ही हुआ। इन 7 में सिर्फ एक क्रिकेटर ही अभी टीम इंडिया का हिस्सा हैं।
पहली पारी में 0, दूसरी में शतक, भारतीय क्रिकेट के ये 7 'सूरमा'
भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली पारी में खाता खोलने से चूकने के बाद दूसरी पारी में शतक लगाने का कारनामा पहली बार 1953 में हुआ। माधव आप्टे ने पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ शून्य पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 163 रनों की पारी खेल डाली।
पहली पारी में 0, दूसरी में शतक, भारतीय क्रिकेट के ये 7 'सूरमा'
माधव आप्टे के बाद 1969 में भारतीय बल्लेबाज गुंडप्पा विश्वनाथ ने यह कारनामा किया। विश्वनाथ ने कानपुर टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में खाता खोलने से चूकने के बाद 137 रनों की पारी खेली।
पहली पारी में 0, दूसरी में शतक, भारतीय क्रिकेट के ये 7 'सूरमा'
सुनील गावस्कर भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं। 1977 में मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में 0 पर आउट होने के बाद 118 रनों की पारी खेल शानदार शतक ठोंक दिया।