क्रिकेट में 14 साल बाद गिरा ऐसा विकेट, जो गेंदबाज के खाते में नहीं गया
टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथे मैच से पहले भारत से हजारों किमी दूर एक वनडे मुकाबला खेला गया जिसमें एक बल्लेबाज को इसलिए आउट कर दिया गया क्योंकि उसने गेंद को विकेट के पास जाने से रोका था। इस विकेट को 'हैंडलेड द बॉल' आउट करार दिया जाता है और यह किसी भी गेंदबाज के खाते में नहीं जुड़ता।
क्रिकेट में 14 साल बाद गिरा ऐसा विकेट, जो गेंदबाज के खाते में नहीं गया
बुलावायो में जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के बीच 5 मैचों की सीरीज का तीसरा मैच खेला जा रहा था और मेजबान टीम को जीत के लिए 224 रनों का लक्ष्य मिला जिसे जिम्बाब्वे ने 2 गेंद शेष रहते ही 6 विकेट से जीत लिया। इसके साथ ही सीरीज में जिम्बाब्वे ने 2-1 से बढ़त बना ली है।
क्रिकेट में 14 साल बाद गिरा ऐसा विकेट, जो गेंदबाज के खाते में नहीं गया
यह मैच बेहद साधारण तरीके से चल रहा था लेकिन जिम्बाब्वे की पारी के दौरान सलामी बल्लेबाज चामू चिभाभा हैंडलेड द बॉल के शिकार हो गए। अंपायर ने जब उन्हें हैंडलेड द बॉल से आउट करार दिया तो वह 18 रन पर खेल रहे थे और टीम का 10वां ओवर डाला जा रहा था।
क्रिकेट में 14 साल बाद गिरा ऐसा विकेट, जो गेंदबाज के खाते में नहीं गया
गेंदबाज अमीर हम्जा ने जब गेंद डाली तो वह बल्लेबाज चामू चिभाभा के हेलमेट से टकरा गई और टकराकर हवा में उछलते हुए स्टंप्स के करीब गिरी और विकेट से टकराने जा ही रही थी कि बल्लेबाज ने जल्दी में गेंद को हाथ से मारकर दूर कर दिया।
क्रिकेट में 14 साल बाद गिरा ऐसा विकेट, जो गेंदबाज के खाते में नहीं गया
विकेट के पीछे खड़े विकेटकीपर मोहम्मद शहजाद ने इस पूरे वाकये को देखा और तुरंत अपील कर दी। अंपायक निगेल ल्लांग ने बिना किसी संकोच के अपनी अंगुली उठा दी। लेकिन गेंदबाज अमीर हम्जा के खाते में यह नहीं गई।