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पढ़िए 10 ऐसी घटनाएं, जब क्रिकेटरों ने दिखाई जिंदादिली
Sat, 21 Nov 2015 12:22 PM IST
Updated Sat, 21 Nov 2015 12:22 PM IST
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क्रिकेट सभ्य लोगों का खेल जाना जाता है। आइए आपको बताते हैं 10 ऐसी घटनाएं जब मैच के दौरान क्रिकेटरों ने दिखाई जिंदादिली। (आगे की जानकारी स्पोर्ट्सकीड़ा डॉट कॉम से)
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यह तस्वीर वर्ल्ड कप 2003 के सेमीफाइनल मैच की है। ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका मैच के दौरान एडम गिलिक्रिस्ट श्रीलंकाई गेंदबाज अरविंद डीसल्वा की गेंद पर विकेट के पीछे कुमार संगकारा का शिकार हुए। अंपायर ने समझा गेंद पैड पर लगकर विकेट के पीछे गई, लेकिन गिलिक्रिस्ट बिना अंपायर की ओर देखे चुपचाप पवेलियन की ओर चल दिए।
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यह 2011 वर्ल्ड कप मैच का है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में रवि रामपॉल के ओवर में गेंद सचिन के ग्लव्स को छूकर विकेट के पीछे गई। अंपायर के फैसले का इंतजार किए बिना सचिन पवेलियन की ओर चल दिए।
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पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में अपने एक फैसले को लेकर काफी मशहूर हुए। अंपायर द्वारा टी ब्रेक के ऐलान करने से ठीक पहले बल्लेबाज इयान बेल (117) रनआउट हुए। लेकिन टी ब्रेक के बाद इंग्लिश मैनेजमेंट की अपील पर धोनी ने रनआउट का रिव्यू नहीं लिया और बेल को दुबारा बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया।
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थोड़ा और पीछे चलते हैं। 1979-80 भारत बनाम इंग्लैंड एक मैच के दौरान भारतीय कप्तान गुंडअप्पा विश्वनाथ ने बड़ा दिल दिखाया। इंग्लिश बल्लेबाज बॉब टेलर 43 रन पर खेल रहे थे। पीछे मौजूद कपिल देव ने कैच लपका और अपील की। लेकिन टेलर पवेलियन की ओर नहीं गए। फिर विश्वनाथ ने टेलर के पास आकर पूछा क्या आप आउट हैं? जवाब में 'नहीं' सुनकर उन्होंने अंपायर से अपील नहीं की। टेलर नॉटआउट दिए गए।
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