पर्थ, ब्रिसबेन और मेलबर्न वनडे: भारतीय पारियों की 7 समानताएं
वनडे सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने शुरुआती 3 मैचों में बेहद शानदार खेल दिखाया है। दूसरी ओर, गेंदबाजों ने अब तक टीम को निराश ही किया लेकिन मेलबर्न में हुए तीसरे मैच में सुधरा हुआ प्रदर्शन किया पर जीत टीम के खाते में नहीं आई। इस हार से वो सब कुछ दोहरा दिया जो पर्थ और ब्रिसबेन वनडे में धोनी की टीम के साथ हुआ था।
(संकलन और प्रस्तुति-सुरेंद्र वर्मा)
पर्थ, ब्रिसबेन और मेलबर्न वनडे: भारतीय पारियों की 7 समानताएं
पर्थ और ब्रिसबेन के बाद अब मेलबर्न में भी टीम इंडिया को हार मिली। इस हार ने भारत से सीरीज में बने रहने की उम्मीद भी छीन ली क्योंकि वह 0-3 से पिछड़ गया है। इस मैच में मिली हार से पहले की बात करें तो इन तीनों ही मैचों में कई गजब की समानताएं भी दिखीं। जानते हैं तीनों मैचों में भारतीय पारी के दौरान की 7 समानताओं के बारे में।
पर्थ, ब्रिसबेन और मेलबर्न वनडे: भारतीय पारियों की 7 समानताएं
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले तीन मैचों की सबसे बड़ी समानता टीम इंडिया का पहले बल्लेबाजी करने से जुड़ा है। पहले 2 मैचों (पर्थ और ब्रिसबेन) में धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। फिर तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया। तीनों ही बार भारत ने पहले बल्लेबाजी की।
पर्थ, ब्रिसबेन और मेलबर्न वनडे: भारतीय पारियों की 7 समानताएं
सीरीज के लगातार तीनों मैच में भारतीय पारी की दूसरी बड़ी समानता दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारियों की रही। पहले 2 मैचों में रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारियां (207 और 125) की। फिर मेलबर्न में तीसरे वनडे मैच में कोहली ने शिखर धवन के साथ 114 रनों की साझेदारी की।
पर्थ, ब्रिसबेन और मेलबर्न वनडे: भारतीय पारियों की 7 समानताएं
तीसरी बड़ी समानता यह रही कि इन तीनों ही मौकों पर भारत की शुरुआत खराब रही। पहले 2 मैचों में शिखर धवन (9 और 6) दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। और अब मेलबर्न में हुए तीसरे मैच में रोहित शर्मा सस्ते में आउट हो गए। लगातार 2 शतक लगाने वाले रोहित इस मैच में 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।