'कमबैक' युवराजः कंगारुओं के खिलाफ 3 बेहद यादगार पारियां
इसे संयोग कहे या कुछ और कि युवराज सिंह के ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कदम रखते ही टीम इंडिया की वो हसरत पूरी हो गई जिसके लिए कप्तान धोनी और उनकी टीम प्रयास कर रही थी। और यह हसरत थी 5 मैचों की वनडे सीरीज और साल 2016 में पहली जीत की। सिडनी में टीम की जीत ने न सिर्फ हार के सिलसिले को तोड़ा बल्कि अगली सीरीज (टी-20) के लिए खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा दिया है।
'कमबैक' युवराजः कंगारुओं के खिलाफ 3 बेहद यादगार पारियां
युवराज सिंह करीब दो साल बाद टीम इंडिया में लौटे हैं। वह 26 से शुरू हो रही ऑस्ट्रेलिया में 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलने के लिए गए हुए हैं। उन्होंने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2014 में 6 अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ ढाका में खेला था। युवी ने टी-20 में काफी शानदार पारियां खेली हैं और जानते हैं चौके-छक्के के इस फटाफट खेल में कंगारू टीम के खिलाफ उनकी 3 बेहद जानदार पारियों को।
'कमबैक' युवराजः कंगारुओं के खिलाफ 3 बेहद यादगार पारियां
युवराज सिंह का टी-20 में ऑस्ट्रलियाई टीम से पहला सामना उनके अपने चौथे मैच में ही हो गया था। और यह सेमीफाइनल मैच था 2007 में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप का। इस मैच से पहले उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में वो ताबड़तोड़ पारी खेली थी जिसमें लगातार 6 छक्के लगाने का कारनामा करते हुए महज 12 गेंदों में फिफ्टी ठोंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। फिलहाल सेमीफाइनल में युवी ने महज 30 गेंदों में 70 रन बनाए और मैन ऑफ द मैच भी बने।
'कमबैक' युवराजः कंगारुओं के खिलाफ 3 बेहद यादगार पारियां
22 सितंबर, 2007 को टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में युवराज सिंह (70 रन, 30 गेंद) उस समय क्रीज पर आए जब भारत 2 विकेट 41 रन पर खो चुका था और यहां पर उन्होंने उथप्पा (34) के साथ तीसरे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी करते हुए 5 चौके और 5 छक्के भी लगाए। उनकी ताबड़तोड़ पारी से भारत ने 5 विकेट पर 188 रन बनाए और कंगारू टीम को 173 (7 विकेट) पर रोककर 15 रन से मैच जीत लिया।
'कमबैक' युवराजः कंगारुओं के खिलाफ 3 बेहद यादगार पारियां
युवी की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी सबसे शानदार पारी रही 10 अक्टूबर, 2013 को जो उन्होंने राजकोट में खेली। यह मैच इस मायने में बेहद यादगार मानी जाती है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रनों का स्कोर खड़ा करते हुए 202 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था। इस मैच में उन्होंने 35 गेंदों में नाबाद 77 रनों की पारी खेली और इस मैच के मैन ऑफ द मैच भी बने।