नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दर्शन कीजिए
यह है कटरा स्थित यात्रा पर्ची काउंटर। यहां वैष्णो देवी यात्रा के लिए आने वाले श्रद्घालुओं को एक पर्ची दी जाती है। इसी पर्ची को दिखाने के बाद माता के दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी जाती है। इसलिए पर्ची कटवाने के बाद उसे बहुत संभालकर रखें।
नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दर्शन कीजिए
यात्री पर्ची कटवाने के बाद जब कुछ आगे बढ़ते हैं तब यह प्रवेश द्वार आता है। यहां से भवन की ओर यात्रा शुरु होती है। यहां यात्रियों की पहली बार जांच की जाती है ताकि तीर्थयात्री के रुप में कोई आतंकी मां के द्वार तक नहीं पहुंच पाए।
नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दर्शन कीजिए
माता ने यहां अपने वाणों से निर्मल जल धारा उत्पन्न किया था। हनुमान जी ने इसी जलधारा में पानी पीकर प्यास बुझाई थी। भक्तगण इस जलधारा में स्नान करके नए वस्त्र पहनते हैं और भवन की ओर बढ़ चलते हैं।
नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दर्शन कीजिए
यह मां के चरण चिन्ह हैं। माता अपने पीछे आ रहे भैरोनाथ को देखने के लिए रूकी थी। पत्थर पर मां के चरण चिन्ह बन गए। यह स्थान चरण पादुका के नाम से जाना जाता है।
नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दर्शन कीजिए
यह है आदि कुंवारी मंदिर की गर्भ गुफा। इसे गर्भ जून कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भौरो नाथ से छुपकर माता इस गुफा में नौ महीने तक रही थी। कहते हैं जो इस गुफा से निकल जाता है उसे अगले जन्म में माता के गर्भ में कष्ट नहीं उठाना पड़ता।