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देखिए उन 10 मंदिरों को जहां पांडवों ने गुजारे थे खास पल

Thu, 23 Jul 2015 04:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Thu, 23 Jul 2015 04:14 PM IST
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देख‌िए उन 10 म‌ंद‌िरों को जहां पांडवों ने गुजारे थे खास पल

pilgrimage in india were pandavas resided

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में खनियारा स्थित प्राचीन ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर। पांडु पुत्र अर्जुन ने महाभारत युद्ध से पूर्व भगवान श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन पर इस स्थान पर बाबा भोले की तपस्या कर उनसे एक अस्त्र प्राप्त किया था।

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भद्रकाली मंदिर में अर्जुन ने महाभारत के युद्ध से पहले पूजा-अर्चना की थी। ये मंदिर भी कुरुक्षेत्र के शक्तिपीठों में गिना जाता है।

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बाराबंकी में रामनगर तहसील में स्थित पांडव कालीन लोधेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना पांडवो ने अज्ञातवास के दौरान की थी। पूरे देश से लाखो श्रद्धालू यहाँ कावर लेकर शिवरात्रि से पूर्व पहुंचकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं।

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ममलेश्वर महादेव ममलेश्वर महादेव मंदिर जो की हिमाचल प्रदेश की करसोग घाटी के ममेल गांव में स्थित है। ये मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस मंदिर का संबंध पांडवो से भी है क्योंकि पांडवो ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इसी गांव में बिताया था।

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मुक्तेश्वर मंद‌िर यहां भगवान शिव के साथ ब्रह्मा, विष्णु, पार्वती, हनुमान और नंदी जी भी विराजमान हैं। भगवान शिव के इस मंदिर में ऐसा विश्वास है कि यहां देवी और राक्षस के बीच युद्ध हुआ था।


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