{"_id":"f625878f3337c490ca0fc48201f46640","slug":"what-is-size-of-world-biggest-ship","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए तस्वीरें, कितना ज्यादा बड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप?","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
देखिए तस्वीरें, कितना ज्यादा बड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप?
Sat, 05 Sep 2015 07:27 PM IST
Updated Sat, 05 Sep 2015 07:27 PM IST
विज्ञापन
देखिए तस्वीरें, कितना ज्यादा बड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप?
1 of 3
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अमेरिका के सैन डिएगो की एयरोज़ कॉरपोरेशन के इंजीनियरों ने 2013 में दुनिया का सबसे बड़ा विमान तैयार किया था। यह विमान कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसकी लंबाई 90 मीटर, चौड़ाई 27 मीटर और ऊंचाई 30 मीटर है। तो इतने बड़े ड्रैगन ड्रीम विमान का करते क्या हैं? इसमें इस्तेमाल करने लायक वॉल्यूम करीब 27 हज़ार क्यूबिक मीटर है और ये कई टन सामान ले जा सकता है। इसकी तुलना में विशालकाय यात्री विमान एयर बस-380 की लंबाई 72।7 मीटर, चौड़ाई महज 7 मीटर और ऊंचाई 24 मीटर से थोड़ी ज़्यादा होती है।
रिपोर्ट-स्पेंसर केली/बीबीसी क्लिक संवाददाता
देखिए तस्वीरें, कितना ज्यादा बड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप?
2 of 3
ऐसे विमान को एयरोज़ के इंजीनियर उड़ा कर दिखा चुके हैं और अब इससे भी विशाल विमान बनाया जा रहा है जो 169 मीटर लंबा होगा। एयरोज़ के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक टिम केन्नी ने कहा, "यह विमान एक बार में कम से कम 66 टन वज़न को ढो पाएगा।" टिम के बयान से साफ है कि इस विमान को मालवाहक जहाज़ के तौर पर ही विकसित करने की कोशिश है। 66 टन वज़न को उठा कर ये 120 नॉट्स की रफ़्तार से पृथ्वी से 10,000 मीटर ऊपर उड़ेगा और वहां चालक दल को ऑक्सीजन की भी कोई कमी महसूस नहीं होगी। इस जहाज़ को तैयार करने में हिलियम गैस के सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
देखिए तस्वीरें, कितना ज्यादा बड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप?
3 of 3
एयरशिप्स को लैंड करने के लिए रनवे की ज़रूरत नहीं होती है। लेकिन हिलियम गैस के सिलिंडरों के साथ एयरशिप की लैंडिंग में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। दरअसल हिलियम गैस के सिलिंडरो के साथ लैंडिंग की कोशिश में, सामान उतार देने के बाद, सिलिंडर ही ऊपर हवा में उड़ सकता है। इस समस्या का जिक्र करते हुए एयरोज़ के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक जॉन वार्ट्ज ने कहा, "इसके लिए हमें कुछ ऐसा करना होगा कि जितना वज़न जहाज़ से निकाला जाए, उतना ही वज़न की इसमें ऑक्सीजन भर दी जाए ताकि इसका वज़न कायम रहे।" एयरोज़ की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम इन्हीं पहलुओं से जूझते हुए अपने इस सपने को साकार करने में जुटी हुई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।