रूस, फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी शुरू की ISIS पर बमबारी
ब्रिटेन की संसद से मंजूरी मिलने के बाद ब्रिटेन के जहाजों ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी है। रॉयटर्स की खबर की मुताबिक सायप्रस के एयरबेस से उड़ते हुए टोरनोडो बॉम्बर्स ने सीरिया के गढ़ पर भारी बमबारी की है। रूस और फ्रांस के हमलों के बाद अब ब्रिटेन भी खुले रूप से आईएसआईएस को खत्म करने के लिए सामने आ गया है।
रूस, फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी शुरू की ISIS पर बमबारी
अभी ब्रिटेन की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई है कि आईएसआईएस पर हमला करने के लिए कितनी बड़ी सेना की मदद ली जा रही है। रॉयटर्स को एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दो जहाज सायप्रस एयरबेस के उड़कर हमले के लिए आगे बढ़े हैं।
रूस, फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी शुरू की ISIS पर बमबारी
खबरों के मुताबिक आरएएफ अकरोतिरी की मदद से ब्रिटेन पर यह हमले किए जा रहे हैं। बुधवार को ब्रिटेन की संसद में 10 घंटे तक चली तनावपूर्ण बहस के बाद हुई वोटिंग में यह फैसला किया गया। आपको बताते चलें कि सायप्रस सीरिया से 100 किलोमीटर दूर है। जहां के एयरबेस को प्रयोग करके ब्रिटेन की सरकार सीरिया के रक्का पर हमले करेगी। ब्रिटेन की संसद ने सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हवाई हमलों की अनुमति दे दी है। ब्रिटेन के 397 सांसदों ने आईएस के खिलाफ अभियान के पक्ष में वोट किया जबकि विरोध में 223 सांसद रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रिटेन संसद के फैसले का स्वागत किया है।
रूस, फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी शुरू की ISIS पर बमबारी
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने संसद में कहा कि 'मध्ययुगीन दानवों' पर हमले कानूनन है और ब्रिटेन को सुरक्षित रखेंगे। संसद में मतदान के बाद विदेश मंत्री फिलिप हैमंड ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सांसदों ने आज जो काम किया है उसके कारण ब्रिटेन अब ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने कहा कि युद्ध के तर्क उचित नहीं हैं। वैसे उनकी पार्टी का मत विभाजित रहा और दस घंटों की बहस के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हमलों के समर्थन में मतदान किया।
रूस, फ्रांस के बाद ब्रिटेन ने भी शुरू की ISIS पर बमबारी
लेबर के 219 सांसदों में से 66 ने सरकार के पक्ष में वोट डाले। संसद की अनुमति के फौरन बाद ही साइप्रस स्थित रॉयल एयर फोर्स से चार लड़ाकू विमान ने उड़ान भरी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन हमलों की योजना में तुरंत रॉयल एयर फोर्स को शामिल करेगा।