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तस्वीरो में देखिए स्पोर्ट्स शूज के फैशन में आने का सफर
Wed, 22 Jul 2015 06:25 PM IST
Updated Wed, 22 Jul 2015 06:25 PM IST
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तस्वीरो में देखिए स्पोर्ट्स शूज के फैशन में आने का सफर
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स्पोर्ट्स शूज की संस्कृति अपने शबाब पर है। दुनिया भर में करोड़ों लोग इसके दीवाने हैं। लेकिन लोकप्रियता के इस मुकाम पर पहुंचने के लिए स्पोर्ट्स शू को कई चरणों से होकर गुजरना पड़ा है। तस्वीर में प्यूमा एक्स अनडिफिटेड क्लाइड गेमटाइम गोल्ड, 2012 जूता है। फोटोः बीबीसी
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न्यूयॉर्क में राइज ऑफ स्नीकर कल्चर नाम की प्रदर्शनी लगी है। प्रदर्शनी में लगभग 150 जूतों के नमूनों को शामिल किया गया है। इसमें ऐसी तकनीकी खोजों, फैशन और सेलिब्रिटी प्रचार का जिक्र है, जिनके कारण पूरी दुनिया में इसका जुनून है। लुई वीटॉन के लिए केन्ये वेस्ट का डिजाइन।
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ये प्रदर्शनी न्यूयॉर्क के ब्रुक्लिन म्यूजियम के छह हिस्सों में लगी है। यहां एथलीटों के पहनने वाले शुरुआती जूते भी रखे गए हैं। इनमें 1860 के दशक में स्पाइक वाले रनिंग शूज और डास्लर ब्रदर्स शू कंपनी का 1936 में बना ट्रैक शू का एक जोड़ा भी शामिल है।
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रबर के तले वाले जूते और कोनवर्स के बूट पहले फैशनेबल फुटवियर थे, जिन्होंने स्पोर्ट्स औश्र सामान्य जूतों के बीच की दूरी कम की। यह बॉस्केटबॉल शू, कोनवर्स ऑल स्टार है जिसे 1917 में बनाया गया था।
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जब रबर को रासायनिक क्रियाओं से मजबूत और आरामदेह बनाने की खोज हुई, तो 1920 से 1970 के दशक के बीच इसकी उपलब्धता और लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। यह 1974 में बना नाइक, वाफल ट्रेनर है।
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