सिविल सेवा परीक्षा देने वाले 2012-2014 के उम्मीदवारों को बड़ा झटका
अगर आप भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर काम की है। केंद्र सरकार ने तय किया है कि पिछले तीन सालों 2012, 2013 और 2014 में सिविल सेवा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को इस साल अतिरिक्त मौका नहीं दिया जाएगा।
सिविल सेवा परीक्षा देने वाले 2012-2014 के उम्मीदवारों को बड़ा झटका
सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) के निर्देश के आधार पर यह कदम उठाया है। कैट ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को निर्देश दिया था कि वह इसका परीक्षण करे कि जिन उम्मीदवारों ने 2011 या 2012, 2013 और 2014 में परीक्षा दी है उन्हें क्या इस साल बदले पैटर्न में मौका दिया जाना चाहिए।
सिविल सेवा परीक्षा देने वाले 2012-2014 के उम्मीदवारों को बड़ा झटका
कार्मिक विभाग ने एक आदेश में कहा है कि तथ्यों को परखने के बाद यह तय किया गया कि ये छात्र सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका पाने के हकदार नहीं है। केंद्रीय लोक सेवा आयोग आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के चयन के लिए हर साल तीन चरणों में परीक्षा आयोजित करता है।
सिविल सेवा परीक्षा देने वाले 2012-2014 के उम्मीदवारों को बड़ा झटका
वर्ष 2011 में आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा में बदलाव के साथ दूसरे वैकल्पिक पेपर की जगह एप्टीट्यूड टेस्ट पर आधारित जनरल स्टडी के पेपर की शुरुआत की थी। फॉर्मेट में बदलाव के बाद कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। इसके बाद सरकार ने पिछले साल 2011 की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को इस साल की परीक्षा में अतिरिक्त मौका देने का आश्वासन दिया।
सिविल सेवा परीक्षा देने वाले 2012-2014 के उम्मीदवारों को बड़ा झटका
इसके बाद कैट में 2011 की परीक्षा में नहीं शामिल होने वाले, लेकिन उनके बाद की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों ने आवेदन किया कि उन्हें भी इस साल की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। कैट ने इस आवेदन को खारिज करते हुए कार्मिक विभाग को मामले पर चार सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया था।