कानपुर में सांप्रदायिक हिंसा की 10 बड़ी बातें, आप भी जानिए
कानपुर के दर्शनपुरवा इलाके में शुक्रवार देर रात मुहर्रम जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के बैनर फाड़ने से उठे विवाद ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया। सुबह से ही इलाकाई जनता और हिन्दू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी कर कालपी रोड पर जाम लगा दिया। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर)
कानपुर में सांप्रदायिक हिंसा की 10 बड़ी बातें, आप भी जानिए
महिलाओं ने संभाला मोर्चा: पुलिस ने लाठीचार्ज कर युवकों और पुरुषों को खदेड़ दिया। इसके बाद महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। भारी तादाद में महिलाएं डंडा और झंडा लेकर घरों से बाहर निकल आईं। जुलूस बनाकर धार्मिंक नारे लगातीं दर्शनपुरवा से जरीब चौकी चौराहा तक पहुंच गईं। पुलिस के बार-बार कहने के बाद भी महिलाएं घंटों सड़क पर डटी रहीं। आखिर में सीओ कलक्टरगंज ममता कुरील, महिला थाना प्रभारी अंजना वर्मा ने फोर्स के साथ वहां पहुंच कर स्थिति को संभाला।
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एसओ और आरआई को लगी गोली: डीएम और एसएसपी स्थिति संभालने पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया गया। हर गली से भीड़ निकल-निकल कर कालपी रोड पर आने लगी और पथराव करती रही। बादशाहीनाका इंस्पेक्टर द्रविड़ कुमार और पुलिस लाइन के आरआई को गोली लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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छतों से नजारा देखते रहे लोग: पुलिस के लाठीचार्ज करने पर लोग घरों में घुस गए। इसके बाद पुरुष और महिलाएं घरों की छतों पर पहुंच गई। वहां से बवाल का नजारा देखती रहीं। पुलिस ने छतों से पथराव की आशंका के चलते लोगों को वहां से हटाया। पुलिस अफसरों ने हिदायत दी कि शांतिभंग की धारा 144 लागू है अगर कोई सड़क या छत पर नजर आएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी लोग छतों और घरों के बाहर डटे रहे।
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एसपी से कांस्टेबल तक ने बजाई सीटी: दर्शनपुरवा में लाठीचार्ज के बाद भीड़ को घरों के भीतर करने के लिए पुलिस ने नया तरीका अपनाया। पुलिस की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एसपी से लेकर कांस्टेबल तक इकट्ठा हुए। जरीब चौकी चौराहा से फजलगंज चौराहा तक एक साथ सभी ने सीटी बजाई और हाथ से इशारा किया तो लोग अपने घरों में जाएं। इसका लोगों पर कोई खास असर नहीं दिखा।