जिला मुख्यालय को लेकर संभल में जमकर बवाल
उत्तर प्रदेश के संभल में जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को संभल का बाजार बंद रहा। आंदोलनकारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। जब आंदोलनकारी दुकानें बंद करा रहे थे उस वक्त पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की आंदोलनकारियों से खींचतान हुई। पुलिस ने पांच आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया लेकिन जब माहौल बिगड़ने के आसार बने तो पांचों को कोतवाली से छोड़ दिया गया। ब्यूरो/अमर उजाला, संभल।
जिला मुख्यालय को लेकर संभल में जमकर बवाल
संभल के पांच किलोमीटर की परिधि में जिला मुख्यालय बनाए जाने की मांग को लेकर लोग आंदोलित हैं। संभल का मुख्यालय शासन ने पंवासा में घोषित किया है, जो संभल से 12 किलोमीटर दूर है। आंदोलनकारी इस पर आपत्ति कर रहे हैं और मुख्यालय को संभल के करीब लाने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर आंदोलनकारी शुक्रवार को सुबह 10 बजे शंकर चौराहे पर एकत्र हुए।
जिला मुख्यालय को लेकर संभल में जमकर बवाल
जुलूस बनाकर बंदी का आह्वान करते हुए आगे बढ़ने लगे। करीब 11.30 बजे जामा मस्जिद के निकट एएसपी कमलेश दीक्षित और एडीएम बीएन यादव भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर एएसपी कमलेश दीक्षित और प्रमुख आंदोलनकारी नवाब इनामुर्रहमाहन खां के बीच नोकझोंक होने लगी। कुछ ही देर में खींचतान होने लगी।
जिला मुख्यालय को लेकर संभल में जमकर बवाल
पुलिस ने नवाब इनामुर्रहमान खां, डा. नाजिम, मोहम्मद आसिफ रजा, शुजाउद्दीन फौजी, अधिवक्ता जफर अली को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए लोगों ने कोतवाली घेर ली। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजेश्वरी त्यागी कोतवाली के गेट पर लेट गईं। उनके समर्थन में तमाम लोग धरना देने लगे। कई अधिवक्ता भी आंदोलन के समर्थन में आ गए।
जिला मुख्यालय को लेकर संभल में जमकर बवाल
थोड़ी ही देर में कोतवाली के गेट पर सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इसी दौरान एक मैसेज चला गया कि पुलिस ने मौलाना मोहम्मद मियां को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हकीकत में पुलिस ने किसी को मौलाना को गिरफ्तार नहीं किया था।