राकपा प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि संसद ठप करना ठीक नहीं है। संसद चलने देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नारी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के बिना देश का विकास और बेहत्तर नागरीक बनाना संभव नहीं। यह बात उन्होंने सोनिया की उपस्थिति में कही।
पवार ने सोनिया की मौजूदगी में कहा संसद ठप करना ठीक नहीं
वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1993 के बम धमाकों के बाद मुंबई में शांति और सदभाव बहाल करने के लिए राकपा प्रमुख शरद पवार के प्रशासनिक और राजनैतिक कौशल की सराहना की है। मुखर्जी और मोदी दोनों ही नेताओं ने यह बात राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार के 75वें जन्मदिवस पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
पवार ने सोनिया की मौजूदगी में कहा संसद ठप करना ठीक नहीं
मुखर्जी ने देश के कृषि क्षेत्र में पवार के योगदान को गिनाते हुए कहा कि उनके कृषि मंत्री रहते हुए अनाज का बंपर उत्पादन हुआ। राष्ट्रपति ने कहा कि वह पवार ही थे जिन्होंने बम धमाकों के बाद देश की आर्थिक राजधानी में बेहद कम समय में शांति बहाल की। उन्होंने उस समय के मीड़िया खबर का जिक्र करते हुए कहा कि तीसरे स्तंभ ने मराठा क्षत्रप को सलाम बाम्बे, सलाम पवारजी करार दिया था।
पवार ने सोनिया की मौजूदगी में कहा संसद ठप करना ठीक नहीं
वहीं पीएम मोदी ने भी पवार के राजनैतिक कुशलता का उल्लेख करते हुए उन्हें रचनात्मक सोच का व्यक्त्तिव करार दिया। पीएम ने कहा कि यह राकपा प्रमुख के कौशल का ही परिणाम रहा कि मुंबई अंडरवर्ल्ड के चुंगल से निकल पाई। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में जब मुंबई पर अंडरवर्ल्ड के आंतक का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन पवार के कुशल नेतृत्व ने उस खतरे से मुंबई को बाहर निकाला। इस अमृत महोत्सव के आयोजन में दलगत भावना से उपर उठकर देश के सभी सियासी दिग्गज उपस्थित थे।
पवार ने सोनिया की मौजूदगी में कहा संसद ठप करना ठीक नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, लालकृष्ण आड़वाणी, प्रकाश सिंह बादल, नितिश कुमार, लालू यादव, मुलायम सिंह यादव, सीताराम येचुरी और फारूख अबदुल्ला सरीखे दिग्गज नेता मंच पर मौजूद उपस्थित थे।