मुख्यमंत्रियों से मिले मोदी, क्या हुई बात?
राज्यों से तकरार के बीच मोदी सरकार ने 65 साल पुराने योजना आयोग को भंग कर नीति आयोग बनाने की कवायद शुरू कर दी है। रविवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग को भंग कर नई व्यवस्था बनाने को वक्त की जरूरत करार दिया।
मुख्यमंत्रियों से मिले मोदी, क्या हुई बात?
विरोध करने वाले कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पीएम ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के उस वक्तव्य की याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना आयोग में भविष्योन्मुखी दृष्टि नहीं है। देश की ताकत का मजबूती से उपयोग करने के लिए योजना आयोग की जगह एक उपयुक्त निकाय की जरूरत पर बल देते हुए पीएम ने कहा कि अब पुरानी व्यवस्था के उलट योजना की प्रक्रिया 'ऊपर से नीचे' के बजाय 'नीचे से ऊपर' करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्रियों से मिले मोदी, क्या हुई बात?
बैठक में हालांकि कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों ने योजना आयोग को भंग करने के बदले आयोग के अधीन ही नई व्यवस्था कायम करने की मांग रखी। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया कि ज्यादातर राज्य योजना आयोग के पुनगर्ठन के पक्ष में थे। बकौल जेटली कुछ राज्यों को छोड़ कर सभी राज्य मौजूदा ढांचे की जगह वैकल्पिक ढांचे के निर्माण के पक्ष में थे।
मुख्यमंत्रियों से मिले मोदी, क्या हुई बात?
हालांकि इनमें से कई राज्य राज्यों को ज्यादा अधिकार दिए जाने तो कुछ राज्य मौजूदा ढांचे अर्थात् योजना आयोग के तहत व्यवस्था में परिवर्तन के पक्ष में थे। खासबात यह रही कि इस अहम बैठक में महज 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड सहित कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में खुद आने के बदले अपने प्रतिनिधि भेजे।
मुख्यमंत्रियों से मिले मोदी, क्या हुई बात?
दो सत्रों में हुए इस बैठक के पहले सत्र में मुख्यमंत्रियों के सुझाव से पहले योजना आयोग की सचिव सिंधूश्री खुल्लर ने अपने प्रजेंटेशन में योजना आयोग की जगह नए संस्थान की रूपरेखा पेश की। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर योजना आयोग की जगह नए संस्था के निर्माण की कवायद शुरू कर दी है।