नौसेना की ताकत बढ़ाने आ रहा INS अरिहंत, खूबियों पर एक नजर
देश की समुद्री सीमा को और मजबूत करने के लिए जल्द ही भारतीय नौसेना को बड़ा हथियार मिलने जा रहा है। समुद्री परीक्षण को पूरा करके पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल से दुश्मन के दांत खट्टे करने में सक्षम परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत नौसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए तैयार है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने आ रहा INS अरिहंत, खूबियों पर एक नजर
आईएनएस अरिहंत देश की स्ट्रेटजिक रक्षा प्रणाली का हिस्सा है। यह पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता रखने वाली पनडुब्बी है। इसलिए नौसेना इसके बारे में विस्तार से जानकारी देने से बचती है। इस पनडुब्बी को देश में ही विकसित किया गया है और आने वाले समय में इस तरह की और परमाणु पनडुब्बियों को विकसित किए जाने की योजना पर काम चल रहा है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने आ रहा INS अरिहंत, खूबियों पर एक नजर
यह परमाणु पनडुब्बी न केवल पानी के भीतर नौसैनिक आपरेशन और परमाणु हथियारों से लैस मिसाइल से हमले करने में सक्षम है बल्कि परमाणु रिएक्टर से प्राप्त उर्जा से चलने और अन्य खूबियों के कारण लंबे समय तक गहरे पानी के भीतर रह सकती है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने आ रहा INS अरिहंत, खूबियों पर एक नजर
यह पनडुब्बी नौसेना के स्ट्रेटजिक प्रोग्राम का हिस्सा है, इसलिए इसके तथा इससे छोड़े जाने वाली मिसाइल आदि के बारे में नौसेना कोई जानकारी साझा नहीं करती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आईएनएस अरिहंत से दागी जाने वाली मिसाइल के-15(सागरिका) और के-4 का भी सफलता पूर्वक परीक्षण किया जा चुका है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने आ रहा INS अरिहंत, खूबियों पर एक नजर
खास बात यह है कि पानी के भीतर परमाणु हथियारों से मार करने में सक्षम दोनों ही मिसाइल देश में ही विकसित हुई है। भारतीय नौसेना की योजना इस तरह की पांच पनडुदब्बियों को बेड़े में शामिल करने की है।