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तस्वीरें: बदहाली की शिकार नेशनल शूटर पुष्पा बेच रही चाऊमीन

Sun, 06 Dec 2015 09:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 06 Dec 2015 09:24 PM IST
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तस्वीरें: बदहाली की शिकार नेशनल शूटर पुष्पा बेच रही चाऊमीन

National shooter selling chowmein roadside

खेल के विकास के लिए सरकार के दावों के बीच खिलाड़ियों की बदहाली के बारे में कोई न कोई किस्से सुनने को मिल ही जाते हैं। ताजा किस्सा है नेशनल लेवल की शूटर 21 वर्षीय पुष्पा गुप्ता का।


तस्वीरें: बदहाली की शिकार नेशनल शूटर पुष्पा बेच रही चाऊमीन

National shooter selling chowmein roadside

पुष्पा आर्थिक तंगी के चलते जीवन यापन करने के लिए वडोदरा में सड़क किनारे ठेला लगाकर खाना बेंच रही हैं। उन्‍होंने ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए अपना मेडल भी दुकान पर टांग दिया है।

तस्वीरें: बदहाली की शिकार नेशनल शूटर पुष्पा बेच रही चाऊमीन

National shooter selling chowmein roadside

इस कारण वो अभ्यास भी ठीक प्रकार से नहीं कर पा रही हैं। सोचिए, अगर यह समय वो अभ्यास करने में लगाती तो देश को कितना फायदा होता। पुष्पा ये करना भी चाहती है लेकिन पेट के आगे मजबूर है। वो कहती हैं कि उनके पिताजी ने पहले ही उनको चेताया था कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह शूटिंग जैसे महंगे खेल का खर्चा उठा सकें।

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तस्वीरें: बदहाली की शिकार नेशनल शूटर पुष्पा बेच रही चाऊमीन

National shooter selling chowmein roadside

दरअसल पुष्‍णा ने कॉलेज के दौरान एनसीसी को ज्वाइन किया था,इस दौरान उनका रुझान शूटिंग की ओर हुआ और एनसीसी में रहते हुए उन्होंने गुजरात की ओर से खेल भी खेला,लेकिन एनसीसी खत्म होते ही आर्थिक मदद भी समाप्त हो गयी। नतीजतन मजबूर होकर उन्हें खाने का काम शुरू करना पड़ा। इस पर पुष्पा के पिता डीके गुप्ता कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के उत्‍थान की बात केवल टीवी पर ही करते हैं,लेकिन हकीकत इससे परे है।

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National shooter selling chowmein roadside

वह कहते हैं कि हमारी एमपी महिला हैं और प्रदेश की सीएम भी महिला हैं इसके बावजूद अगर पुष्पा को आर्थिक मदद नहीं मिली है,अगर मिली होती तो उसे सड़क किनारे चाऊमीन न बेचनी पढ़ती। वहीं पूर्व खिलाड़ी सुनीता कहती हैं कि नेशनल लेवल की खिलाड़ी होने के नाते पुष्‍पा को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

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