तस्वीरें: मक्का की मस्जिद में क्रेन हादसा, 107 मरे, 230 घायल
मुस्लिमों के पवित्र धर्मस्थल मक्का की मुख्य मस्जिद में शुक्रवार को जुमे के दिन हुए बड़े हादसे में 107 की मौत हो गई और 230 लोग घायल हो गए। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा के चलते क्रेन गिरने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। विदेश मंत्रालय ने नौ भारतीय के घायल होने की पुष्टि की है। हादसे के बाद घटना स्थल पर खून ही खून बिखर गया। (एजेंसी/दुबई)
तस्वीरें: मक्का की मस्जिद में क्रेन हादसा, 107 मरे, 230 घायल
तस्वीरों में खून से लथपथ लाशों को साफ देखा जा सकता था। हादसे के बाद हर ओर चीख पुकार सुनाई देने लगी। माना जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर मजदूर हैं। यह हादसा सालाना होने वाली मुस्लिमों की पवित्र हज यात्रा से पहले हुआ है। इस माह के अंत में शुरू होने वाले हज के लिए दुनिया भर के मुसलमान इस वक्त मक्का में जुटने शुरू हो गए हैं। फिलहाल यह नहीं पता चल पाया कि मरने वाले स्थानीय नागरिक थे या इसमें कोई विदेशी भी शामिल था।
तस्वीरें: मक्का की मस्जिद में क्रेन हादसा, 107 मरे, 230 घायल
मक्का की मुख्य मस्जिद को बड़ा करने के लिए जारी निर्माण के चलते पिछले वर्ष सऊदी के शाही शासन ने सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए बहुत से श्रद्धालुओं को पवित्र हज से रोक दिया था। योजना के तहत इस मस्जिद परिसर को बढ़ाकर 4 लाख वर्ग मीटर किया जाना है, जिससे करीब 22 लाख श्रद्धालु एक बार में इसके भीतर आ सकें। इसी निर्माण के चलते मस्जिद में जगह-जगह क्रेनें लगाई गई हैं।
तस्वीरें: मक्का की मस्जिद में क्रेन हादसा, 107 मरे, 230 घायल
अधिकारियों ने बताया कि हादसे को देखते हुए मरने वालों की संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है। खबरों में कहा गया है कि क्रेन का हिस्सा गिरने के कारण पूरी छह ही बैठ गई। बहुत से लोग मलबे के नीचे भी दबे हो सकते हैं। सऊदी प्रशासन हर वर्ष मक्का में होने वाले पवित्र हज के लिए व्यापक तैयारियां करता है और इसी तैयारी के दौरान यह भीषण हादसा देखने को मिला।
तस्वीरें: मक्का की मस्जिद में क्रेन हादसा, 107 मरे, 230 घायल
पिछले कई वर्षो से हज के दौरान भी हादसे होते रहे हैं। ज्यादातर हादसे शैतान को पत्थर मारने के दौरान होते हैं। 2006 में मची भगदड़ के कारण मक्का में सैकड़ों लोग मारे गए थे। शुक्रवार होने के कारण मक्का की मुख्य मस्जिद पूरी तरह भरी रहती है। इस कारण हादसे के दौरान भी काफी भीड़ थी। इसी मस्जिद में काबा भी स्थित है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान नमाज अदा करते हैं।