शहर के एक युवा की साहित्यिक प्रतिभा अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमक रही है। 13 साल की उम्र में लिखे गए इंग्लिश उपन्यास ओल्गा रदियानोवा को अमेरिकी प्रकाशक पैट्रिज ने प्रकाशित किया है। दो महीने पहले यह उपन्यास ऑनलाइन लॉन्च हुआ है। इसी के साथ 28 साल के दीपक श्रीवास्तव के लेखन को मुकाम मिल गया है। नुनिहाई निवासी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि यह कल्पनात्मक उपन्यास है। रशियन लड़की ओल्गा 13 साल की उम्र में अनाथ हो जाती है। उसकी मां मरते समय उसे अपने सौतेले भाई को सौंप जाती है। वह उसे लेकर अमेरिका चला जाता है। वहां पर उसकी नानी ओल्गा को देह के सौदागरों को बेच देती है। उसके बाद ओल्गा का संघर्ष शुरू होता है।
13 साल की उम्र में इंग्लिश उपन्यास लिखकर अमेरिका में छाया दीपक
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:59 AM IST
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13 साल की उम्र में इंग्लिश उपन्यास लिखकर अमेरिका में छाया दीपक