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13 साल की उम्र में इंग्लिश उपन्यास लिखकर अमेरिका में छाया दीपक

Sun, 29 Nov 2015 11:59 AM IST
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:59 AM IST
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13 साल की उम्र में इंग्लिश उपन्यास लिखकर अमेरिका में छाया दीपक

deepak srivastava wrote a english novel

शहर के एक युवा की साहित्यिक प्रतिभा अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमक रही है। 13 साल की उम्र में लिखे गए इंग्लिश उपन्यास ओल्गा रदियानोवा को अमेरिकी प्रकाशक पैट्रिज ने प्रकाशित किया है। दो महीने पहले यह उपन्यास ऑनलाइन लॉन्च हुआ है। इसी के साथ 28 साल के दीपक श्रीवास्तव के लेखन को मुकाम मिल गया है। नुनिहाई निवासी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि यह कल्पनात्मक उपन्यास है। रशियन लड़की ओल्गा 13 साल की उम्र में अनाथ हो जाती है। उसकी मां मरते समय उसे अपने सौतेले भाई को सौंप जाती है। वह उसे लेकर अमेरिका चला जाता है। वहां पर उसकी नानी ओल्गा को देह के सौदागरों को बेच देती है। उसके बाद ओल्गा का संघर्ष शुरू होता है।


ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा।

13 साल की उम्र में इंग्लिश उपन्यास लिखकर अमेरिका में छाया दीपक

deepak srivastava wrote a english novel

उस नरक भरी जिंदगी से मुक्ति पाने के लिए वह जद्दोजहद करती है। यह उपन्यास मैंने 13 साल की उम्र में लिखा था। मन में ख्याल आया और मैं लिखता चला गया। 15 वर्ष बाद 12-13 देशों में ऑनलाइन लॉन्च हुआ है। यह सभी ई कॉमर्स कंपनियों पर उपलब्ध है। दीपक श्रीवास्तव कविताएं भी लिखते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की जॉब छोड़कर लेखन कार्य आरंभ किया। वह कोचिंग में भी पढ़ाते हैं। अब वह अगले उपन्यास पर काम कर रहे हैं। उसकी थीम साइकोलॉजिकल वार और इकॉनोमिक स्लेव है। अंडरवर्ल्ड के विपरीत एक अपर वर्ल्ड भी है, जिसका चुनाव हम खुद करते हैं। वह कानून के दायरे में रहकर भी हमारा शोषण करता है।

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