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दो भाइयों को है अमिताभ बच्चन के फोन का इंतजार
Sat, 27 Jun 2015 03:58 PM IST
Updated Sat, 27 Jun 2015 03:58 PM IST
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दो भाइयों को है अमिताभ बच्चन के फोन का इंतजार
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क़िस्मत रातों रात बदलना किसे कहते हैं ये कोई प्रतापगढ़ के रहने वाले राजू सरोज और बृजेश सरोज दोनों भाइयों से पूछे। एक गरीब दिहाड़ी मज़दूर के इन 18 और 19 साल के इन दो दलित लड़कों के नाम आईआईटी की मेरिट लिस्ट में जनरल कैटेगरी में 167वें और 410वें नंबर पर आए। जब इनकी फ़ीस के लिए दर दर भटकते पिता की कहानी अख़बारों में छपी तो इन्हें सबसे पहला फ़ोन अभिनेता आमिर ख़ान का आया, जिन्होंने इन्हें बधाई दी और मदद की पेशकश की। इसके बाद तो इन्हें बधाई और इनाम देने वालों का ताँता लगा हुआ है। आमिर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर दुनिया भर से फ़ोन आए। पर इन लड़कों को आज तक बेसब्री से इंतज़ार है इलाहाबाद के रहने वाले अमिताभ बच्चन के फ़ोन का।
पूरी रिपोर्ट-इंदु पांडेय/बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
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फिल्म डॉन का डाइलॉग राजू सुनते हैं ये मैडम तनी रुक्का हो पान तो खइले दा। राजू अमिताभ के इस कदर फ़ैन हैं कि फ़ेसबुक में इनका नाम राजू अमिताभ है। वो धड़ाधड़ अमिताभ के डायलॉग सुनाते हैं। राजू बड़ी उम्मीद से कहते हैं, "अमिताभ एक बार फ़ोन कर लीजीए प्लीज़।" कभी इनके पढ़ने की कोशिशों का मज़ाक उड़ाने वाले आज अपने बच्चों को इनके साथ फ़ोटो खिंचवाने भेज रहे हैं।
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इनके घर में इनाम देने वालों का ताँता लग गया तो गांव के कुछ लोगों ने इनके घर पर पत्थरबाजी की तो प्रसाशन ने इनके घर पर पुलिस तैनात कर दी। बृजेश कहते हैं, "जिस दरोगा को देखकर वो कभी डर जाया करते थे आज हमारे घर की रखवाली कर रहा है। देख कर बड़ा अच्छा लगता है।" अब गावं के बच्चे इनके पास आकर फोटो खिंचवाते हैं। राजू के घरवालों के लिए सम्मान की बात तो वो हैडपम्प भी है जो रातों रात इनके घर के दरवाज़े पर लगवा दिया गया। घर के सामने के लिए सरकारी सड़क भी मंज़ूर हो गई और तो और घर में मंत्री जी ने टीवी रखवा दिया, बल्ब की रौशनी जगमगाने लग गई। राजू मानते हैं की अभी तो ये शुरुआत भर है।
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