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EXCLUSIVE: बिस्मिल्लाह खां की शहनाई चोरी
Wed, 10 Sep 2014 08:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 10 Sep 2014 08:50 AM IST
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भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शहनाई चोरी हो गई है। यह वह शहनाई थी जिसे उस्ताद हर महफिल में बजाते थे। यही नहीं, सोते समय वे इसे अपने सिरहाने रखते थे। शोहरत और साधना की उनकी इस निशानी को बेशकीमती माना जा रहा है।
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शहनाई कब और कैसे गायब हुई, परिजनों को पता नहीं है। अनुमान है कि तस्करों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलामी के लिए उसे पार कर दिया होगा। उस्ताद के छोटे पुत्र तबला वादक नाजिम हुसैन ने इस शहनाई की चोरी की घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
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हड़हा सराय स्थित घर की तीसरी मंजिल पर उस्ताद का वह कक्ष आज भी उसी हाल में है, जैसे उनके रहते था। कमरे में उनकी चारपाई तो है लेकिन उस पर उनकी वह शहनाई अब नहीं है, जिसकी बदौलत उन्होंने संगीत की दुनिया में बुलंदी हासिल की थी।
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31 अगस्त 2008 को उस्ताद के इंतकाल के बाद से वह कमरा बंद रहता है। शहनाई
चोरी का राज तब खुला जब उनके घर को तोड़कर उसे नया रूप देने की खातिर कमरे
का सामान निकाला जा रहा था। पौत्र सिब्तेन और पुत्र काजिम ने बताया कि
उस्ताद की शहनाई कब और कैसे गायब हो गई, पता नहीं चला। अब वह शहनाई उनके
कमरे में नहीं है।
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हालांकि इस मामले को लेकर अभी उनके परिवार वालों ने पुलिस का दरवाजा नहीं खटखटाया है, लेकिन वे चिंतित जरूर हैं। उस्ताद के छोटे पुत्र नाजिम ने ‘अमर उजाला’ से शहनाई चोरी होने की पुष्टि की। बताया कि उस्ताद उसी शहनाई को लेकर देश-विदेश जाते थे। उस साज से वो इतना लगाव रखते थे कि वह रात को उसे अपनी चारपाई पर सिरहाने रख कर सोते थे।
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