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देखिए असम की दहला देने वाली तस्वीरें

Sun, 28 Dec 2014 08:09 AM IST
Updated Sun, 28 Dec 2014 08:09 AM IST
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देखिए असम की दहला देने वाली तस्वीरें

asam firing victims in camp

असम में बोडो चरमपंथियों के आदिवासियों पर किए गए हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोगों का पलायन हुआ। कोकराझार ज़िले में 36 राहत शिविर बनाए गए हैं। यहां 40,000 से भी ज़्यादा लोगों ने शरण ले रखी है।

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asam firing victims in camp

पिछले कुछ दिनों में हिंसा प्रभावित इलाक़ों के तक़रीबन 70,000 लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। जब संदिग्ध बोडो चरमपंथियों ने हमला किया तब चार्ल्स मुर्मु का 13 साल का बेटा शायद पढ़ाई कर रहा था। दीवारों पर गोलियों के निशां हैं. चबूतरे पर एक किताब अब तक खुली पड़ी है।

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asam firing victims in camp

कोकराझार के पखरीगुड़ी गांव में अपने घर के ख़ून से सने आंगन में बैठे हुए सोम हंसदा। उनकी पत्नी मरियम मुर्मु की मौत यहीं हुई थी। सोम के बेटे स्टीफ़न हंसदा को रसोईघर के भीतर गोली लगी। सोम ने एक नाली में कूद कर अपनी जान बचाई। उनके कानों में पत्नी और बेटे के चीख़ने-चिल्लाने की आवाज़ आती रही मगर वह उन्हें बचाने के लिए बाहर नहीं निकल सके।

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asam firing victims in camp

जब अलगाववादी हमले हुए तब पखरीगुड़ी गांव में लोग क्रिसमस का जश्न मना रहे थे।

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asam firing victims in camp

13 साल के सोमई मुर्मु और उसकी 18 साल की भाभी सुमिता इसी आंगन में हंसदा चरमपंथियों की गोली का शिकार हुए। सोमई की बड़ी भाभी अनिसथिया टुडु और उनके 3 साल के बेटे बुनीपस को गोली लगी है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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