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विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

Mon, 12 Jan 2015 03:46 PM IST
Updated Mon, 12 Jan 2015 03:46 PM IST
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विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

Narendra modi pay tribute to Swami vivekanand

आज स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। 12 जनवरी, 1863 को जन्मे नरेंद्र दत्त यानी स्वामी विवेकानंद ने अपनी छोटी सी उम्र में दुनिया को हिंदू धर्म का संदेश और सीख दिया।



विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

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विवेकानंद ने अमेरिका स्थित शिकागो में साल 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व कर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया था।

विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

Narendra modi pay tribute to Swami vivekanand
"उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक कि लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।" करीब डेढ़ सौ साल पहले दी गई स्वामी विवेकानंद की यह सीख आज भी युवाओं का हौसला बढ़ाती है।

"उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक कि लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।" करीब डेढ़ सौ साल पहले कही गई स्वामी विवेकानंद की यह सीख आज युवाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती है।जागो और लक्ष्य पाने तक मत रूको।" करीब डेढ़ सौ साल पहले लिखा स्वामी विवेकानंद का ब्रह्म वाक्य आज युवाओं को आगे बढ़ने का हौसला देने के लिए काफी है। - See more at: http://www.patrika.com/news/birthday-special-swami-vivekananda-is-ideal-for-young-generation/1070692#sthash.inzFkGOT.dpuf

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विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

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रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी बखूबी काम कर रहा है।

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विवेकानंद के मुरीद क्यों हैं मोदी, पढ़ें अनछुए पहलू

Narendra modi pay tribute to Swami vivekanand
मात्र 25 साल की अल्प आयु में ही स्वामी विवेकानंद ने गेरुए वस्त्र धारण कर लिए थे। इसके बाद उन्होंने पूरे भारतवर्ष की यात्रा की थी।
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