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नहीं रहे टाइटेनिक को संगीत देने वाले, ये हैं फिल्म की कभी न भूलने वाली यादें
Thu, 25 Jun 2015 04:51 PM IST
Updated Thu, 25 Jun 2015 04:51 PM IST
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नहीं रहे टाइटेनिक को संगीत देने वाले, ये हैं फिल्म की कभी न भूलने वाली यादें
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यूं तो टाइटेकिन फिल्म कई कारणों से जानी जाती है। लेकिन जब टाइटेनिक डूब रहा होता है, लोगों की जान जा रही होती है, उसी वक्त एक चुभने वाला संगीत सुनाई देता है। जिसके लिए उस संगीतकार को ऑस्कर मिला, उस संगीतकार की आकस्मिक मौत हो गई है।
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उन्होंने ‘टाइटैनिक’, ‘ब्रैवहार्ट’, और ‘अवतार’ जैसी फिल्मों में संगीत देने वाले और दो बार ऑस्कर जीतने वाले 61 वर्षीय संगीतकार जेम्स होर्नर की अमेरिका में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई है। इनको टाइटेनिक से पहचान मिली थी। इस फिल्म किया गया उनका अमर हो गया।
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विमान के परचखे उड़ गए, जिस तरह टाइटेनिक के उड़ गए थे। उस फिल्म में मरते दम तक दो किरदार संगीत में लिप्त रहते हैं। ये संगीतकार भी उस विमान आखिरी वक्त तक संगीत में खोया रहा।
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ये फिल्म एक बेहद दर्दनाक सच्ची घटना पर आधारित थी। इसमें 15 अप्रैल 1912 की उस रात की कहानी है, जिसमें करीब 1500 लोगों की जान गई थी और दुनिया की सबसे रोमांचकारी नाव समुद्र के गर्भ में समा गई थी। इस घटना की आखिरी आवाज जो सुनाई पड़ी थी वो है "हम बर्फ से टकरा गए हैं, जल्दी आओ।"
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इस दर्दनाक घटना पर 1997 में जब फिल्म बनी तो लोगों को नए सिरे से झकझोर दिया। खासकर के इसके संगीत ने। जब लोग मर रहे थे, तब नेपथ्य से कैसी आवाजें आनी चाहिए। यह तय कर पाना बेहद मुश्किल था। और इस मुश्किल से लड़ा था जेम्स हार्नर ने।
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