कभी न रिलीज हुई फिल्म के सेट पर मिले पंकज-सुप्रिया
कौन कहता है कि दूसरी शादी खुशी से निभाया रिश्ता नहीं एख समझौता भर होकर रह जाता है? कम से कम पंकज कपूर और सुप्रिया पाठक को देख कर तो ऐसा नहीं लगता कि दूसरी शादी में इंसान खुश नहीं रह सकता। बल्कि ये तो ऐसा जोड़ा है जिसे जिंदगी की सारी खुशियां एक दूजे का साथ, पहले पति-पत्नी को छोड़ने के बाद ही मिलीं।
कभी न रिलीज हुई फिल्म के सेट पर मिले पंकज-सुप्रिया
एक्टर शाहिद कपूर के पिता पंकज कपूर और सौतेली मां सुप्रिया पाठक खुद भी बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं और फिल्मी दुनिया की सबसे लोक्रप्रिय जोड़ियों में से एक भी। लेकिन इनकी मुलाकात इतनी सरल नहीं थी कि देखते ही प्यार हो गया हो। दोनों उस वक्त मुश्किल वक्त से गुजर रहे थे जोब दोनों को एक दूसरे की बाहों में ही प्यार हासिल हुआ।
कभी न रिलीज हुई फिल्म के सेट पर मिले पंकज-सुप्रिया
बात 1986 से कुछ वक्त पहले की है, जब सुप्रिया अपनी पीएचडी पूरी कर के मुंबई से अहमदाबाद शिफ्ट हुई थीं। वहां उनकी मुलाकात अपनी मां दीना पाठक के एक दोस्त के बेटे से हुई। दोनों में इश्क हो गया और उन्होंने शादी कर ली। उस वक्त सुप्रिया की उम्र 22 साल थी। शादी के एक हफ्ते बाद ही सुप्रिया की जिदंगी पुरी तरह उलट पलट गई।
कभी न रिलीज हुई फिल्म के सेट पर मिले पंकज-सुप्रिया
एक हफ्ते में ही सुप्रिया और उनके पति को अहसास हो गया था कि उन दोनों ने शादी कर के बहुत बड़ी गलती कर दी है। कम उम्र की सुप्रिया जैसे तैसे एक साल तो काटा लेकिन उसके बाद उनके पति और उन्होंने एक दूसरे से बिना किसी झगड़़े-लड़ाई के तलाक ले लिया। और सुप्रिया मुंबई वापस आ गईं। उन्हें क्या पता था यहां उनकी जिंदगी ही बदल जाएगी।
कभी न रिलीज हुई फिल्म के सेट पर मिले पंकज-सुप्रिया
1986 में 24 साल की सुप्रिया भटिंडा में एक फिल्म के सेट पर पहली बार पंकज कपूर से मिलीं। इससे पहले वे दोनों एक दूसरे को बस प्रोफेशनल तौर पर जानते थे। दोनों साथ में 'अगला मौसम' नाम की फिल्म में काम कर रहे थे। किस्मत देखिए, कि वो फिल्म आजतक रिलीज नहीं हुई लेकिन इन दोनों को जिदंगी भर का सबसे बड़ा तोहफा दे गई।