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जब अमिताभ की आवाज बन गए थे कादर खान, उनके 10 सुपरहिट डायलॉग
Mon, 10 Aug 2015 05:54 PM IST
Updated Mon, 10 Aug 2015 05:54 PM IST
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अमिताभ बच्चन ने कादर खान की फिल्मों में वापसी पर उनका स्वागत किया है। कादर खान को एक्टर के तौर पर सब जानते हैं। लेकिन उनकी एक पहचान जो उनके अंदर के एक्टर से कहीं ज्यादा है वो हैं कादर खान के डायलॉग्स। एक वक्त तो कादर खान ही अमिताभ के डायलॉग लिखते थे। हम आपके लिए लाए हैं उनके 10 खास डायलॉग्स।
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1983 में रिलीज हुई कुली में अमिताभ के किरदार में जान डालने वाले संवाद कादर खान ने ही लिखे थे, 'बचपन से सर पर अल्लाह का हाथ और अल्लाहरख्खा है अपने साथ, बाजू पर 786 का है बिल्ला, 20 नंबर की बीड़ी पीता हूं और नाम है 'इकबाल'।'
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1978 आई मुकद्दर का सिकंदर में फकीर बाबा बने कादर खान जिंदगी का मर्म अमिताभ को समझाते हैं, 'सुख तो बेवफा है आता है जाता है, दुख ही अपना साथी है, अपने साथ रहता है। दुख को अपना ले तब तकदीर तेरे कदमों में होगी और तू मुकद्दर का बादशाह होगा।'
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हिम्मतवाला (1983) में अमजद खान के हंसोड़ मुंशी का किरदार निभाने वाले कादर को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का फिल्मफेयर मिला था। फिल्म में वो कहते हैं, 'मालिक मुझे नहीं पता था कि बंदूक लगाए आप मेरे पीछे खड़े हैं। मुझे लगा, मुझे लगा कि कोई जानवर अपने सींग से मेरे पीछे खटबल्लू बना रहा है।'
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मिस्टर नटवरलाल 1979 में आई थी, इसमें अमिताभ ने भगवान से बात करते हुए कहा था, 'आप हैं किस मर्ज की दवा, घर में बैठे रहते हैं, ये शेर मारना मेरा काम है? कोई मवाली स्मग्लर हो तो मारूं मैं शेर क्यों मारूं, मैं तो खिसक रहा हूं और आपमें चमत्कार नहीं है तो आप भी खिसक लो।'
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