आपके रोंगटे खड़े कर देंगी बाल यौन शोषण से जुड़ी ये सच्चाइयां
अगर आप भी ये सोच कर निश्चिंत हैं कि घर के भीतर अपनों के बीच आपका बच्चा सुरक्षित है तो आप एक बड़ी गलती कर रहे हैं।
आपके रोंगटे खड़े कर देंगी बाल यौन शोषण से जुड़ी ये सच्चाइयां
हर मां बाप चाहते हैं कि लगातार असुरक्षित और खतरनाक हो रहे समाज में उसके मासूम बच्चे महफूज रहें और गलत लोगों का साया तक उन पर न पड़े। लेकिन सच तो ये है कि घर हो या बाहर, स्कूल हो या पार्क बच्चे कहीं भी महफूज नहीं बचे हैं।
ऐसे में जरूरी है कि बच्चे के साथ साथ आपको भी ये पता चले कि कौन शख्स बच्चे के लिए अच्छा है और कौन खतरनाक हो सकता है।
आपके रोंगटे खड़े कर देंगी बाल यौन शोषण से जुड़ी ये सच्चाइयां
क्या वाकई खतरा अजनबी से है ?
आपको जानकर हैरानी होगी कि मासूमों को ज्यादा खतरा अजनबियों से नहीं बल्कि अपने ही रिश्तेदारों से है। शोध में पता चला है कि बच्चों का यौन शोषण करने वालों (पीडोफाइल) में 70 फीसदी लोग उनके संबंधी और रिश्तेदार निकले। केवल तीस फीसदी अजनबी और बाहरी लोगों ने बच्चों पर गंदी नजर डाली।
आपके रोंगटे खड़े कर देंगी बाल यौन शोषण से जुड़ी ये सच्चाइयां
अरे..ये तो घर के ही लोग हैं
बच्चों का यौन शोषण करने वालों में कोई भी पिता, दादा, चाचा, ताऊ मामा, अंकल कोई भी हो सकता है। ये न सोचिए कि ये तो बच्चे का सगा है...ऐसा नहीं कर सकता। पारिवारिक मित्रों पर भी कड़ी नजर रखनी चाहिए खासकर बच्चों के लिए उपहार लाने वाले और देर तक रुकने वाले दोस्तों पर।
आपके रोंगटे खड़े कर देंगी बाल यौन शोषण से जुड़ी ये सच्चाइयां
वो शक्ल से ऐसा नहीं लगता
अगर ये सोच कर बैठे हैं कि पीडोफाइल के हाथ या माथे पर लिखा होगा कि वो बच्चों का यौन शोषण करता है, तो आप गलत हैं। पीडोफाइल बिलकुल आम आदमी की तरह व्यवहार करते हैं। वो एक सामान्य इंसान की तरह आपसे और आपके बच्चों के साथ पेश आएंगे। लेकिन आपकी गैरमौजूदगी में वो हैवान बन जाते हैं।