बेटी को दिए जुकरबर्ग के 3 लाख करोड़ दान की ये है हकीकत
हाल ही में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की बेटी होने पर उन्होंने अपनी 99 फीसदी दौलत (करीब 3 लाख करोड़ रुपए) दान देने की घोषणा की है। यूं तो इसे दान कहा जा रहा है, लेकिन अगर आपको इसके पीछे छुपा सच बताया जाएगा, तो आप इसे दान नहीं, टैक्स चोरी का तरीका कहेंगे। तो आइए जानते हैं कैसे दान की शक्ल में चोरी किया जा रहा है करोड़ों का टैक्स।
बेटी को दिए जुकरबर्ग के 3 लाख करोड़ दान की ये है हकीकत
इस दान की सबसे खास बात यह है कि मार्क जुकरबर्ग ये दान तुरंत नहीं करने वाले हैं, बल्कि अगले 45 सालों में करेंगे। जिसे ये दान दिया जा रहा है वह मार्क के परिवार द्वारा चलाया जाने वाला चैन जुकरबर्ग इनीशिएटिव एलएलसी (Chan Zuckerberg Initiative LLC) है। इसका सीधी मतलब है कि मार्क जुकरबर्ग बिना कैपिटल गेन टैक्स दिए ही अपनी ही संपत्ति खुद को ही दे रहे हैं।
बेटी को दिए जुकरबर्ग के 3 लाख करोड़ दान की ये है हकीकत
यहां ये जानना बहुत जरूरी है कि जिस संस्था को दान दिया गया है वह कोई चैरिटेबल ट्रस्ट नहीं है, बल्कि एक एलएलसी है। आपको बता दें कि चैरिटेबल ट्रस्ट को चैरिटी में पैसे खर्च करने होते हैं, जबकि एलएलसी के साथ ऐसी कोई बाध्यता नहीं होती है। एक एलएलसी पैसों को किसी निजी कंपनी या फायदा कमाने वाली किसी अन्य जगह पर भी लगा सकता है।
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एलएलसी (लिमिटेड लाइबिलिटी कंपनी) अमेरिका में कंपनी का एक फॉर्म है, जिसके तहत कई सारी छूट दी जाती हैं। अगर उसका मालिक कोई एक व्यक्ति है, तो वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह टैक्स भर सकता है। उसे कंपनी के नियमों के अनुसार टैक्स भरना जरूरी नहीं होता है। यह सारी सुविधाएं व्यक्ति को अमेरिका के शेड्यूल-सी के तहत मिलती हैं।
बेटी को दिए जुकरबर्ग के 3 लाख करोड़ दान की ये है हकीकत
आपको बता दें कि मार्क जुकरबर्ग ऐसे पहले व्यक्ति नहीं हैं, जिन्होंने अपनी दौलत दान दी है। इनसे पहले भी बहुत से लोग अपनी दौलत का एक बड़ा हिस्सा दान में दे चुके हैं। हालांकि, वो दान किसी एलएलसी को नहीं बल्कि एक चैरिटेबल ट्रस्ट या फाउंडेशन को दिए गए। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ लोगों के बारे में जिन्होंने अपनी दौलत का एक बड़ा हिस्सा दान में दे दिया।