आज एक अप्रैल है यानि वो दिन जब नए वित्त वर्ष की शुरुआत होती है। आज से इनकम टैक्स से संबंधित कई नियम पूरी तरह बदल गए हैं। जिसका भार सीधे आप पर पड़ेगा। जबकि कुछ करों में राहत भी मिली है। ये नियम आज से लागू हो जाएंगे। वहीं कुछ नियमों का असर आपकी सैलरी पर भी पड़ेगा। जानें किन नियमों से मिलेगी राहत और किनसे बढ़ेगा भार।
आज से बदल जाएंगे ये नियम, जानें कहां मिलेगी राहत और कहां नहीं
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भरना होगा ई-वे बिल
बढ़ेगा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
मोटर गाड़ियों पर लगने वाला थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अब 50 फीसदी तक बढ़ जाएगा। यानि जो गाड़ियां 1000 से 1500 सीसी के बीच की क्षमता वाली होंगी उनका प्रीमियम 1118 रुपये बढ़ेगा। जो गाड़ियां 1500 सीसी से अधिक होंगी उनका प्रीमियम 3082 रुपये और 75 सीसी से अधिक क्षमता वाले दोहपहिया वाहनों पर 101-398 रुपये तक का प्रीमियम बढ़ जाएगा।
ई-वे बिल
अगर एक राज्य से दूसरे राज्य में माल भेजना होगा और माल की कीमत 50 हजार रुपये से अधिक है तो ई-वे बिल जरूरी होगा। अगर माल की कीमत 50 हजार से कम है तो ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी। वहीं अगर माल की कीमत 50 हजार है पर उसमें वह सामान भी शामिल है जिसमें कर नहीं लगेगा तो भी ई-वे बिल नहीं भरना होगा।
इतना मिलेगा स्टैंडर्ड डिडक्शन
स्टैंडर्ड डिडक्शन
नए वित्त वर्ष से नौकरीपेशा को 40 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा लेकिन परिवहन और चिकित्सा व्यय खत्म हो जाएगा। साथ ही 15,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय और 19,200 रुपये के परिवहन भत्ता पर कोई कर नहीं लगता। इन सबसे 40 हजार की मानक कटौती में ही समाहित कर लिया जाएगा।
एक लाख तक का हेल्थ कवर
वरिष्ठ नागरिकों के लिए गंभीर बीमारी में एक लाख रुपये तक की कर छूट तय की गई है। यह छूट पहले 60,000 से 80,000 तक ही सीमित थी।
हेल्थ इन्श्योरेंस पर कर सीमा
हेल्थ इन्श्योरेंस कवर
स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा व्यय पर कर कटौती की सीमा भी 30,000 से बढ़ाकर 50,000 कर दी गई है।
वरिष्ठ नागरिक कर सकेंगे 15 लाख का निवेश
वरिष्ठ नागरिक अब मौजूदा सीमा 7.5 लाख से अधिक यानि 15 साख तक का निवेश कर सकेंगे। यह सीमा प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत बढ़ाई गई है। इस योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 8 फीसदी प्रतिलाभ प्रदान किया जाएगा।
नौकरी से निकाले जाने पर टैक्स
नौकरी से संबंधित इस राशि पर बढ़ेगा टैक्स
यदि किसी व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया जाता है तो उसे मिलने वाली मुआवजा राशि पर टैक्स देना होगा। इसके साथ ही यदि किसी की नौकरी में कोई कांट्रैक्ट रिन्यू होता है तो भी उसे टैक्स देना होगा।
सरकारी बॉन्ड निवेश में छूट
यदि कोई व्यक्ति सरकारी बॉन्ड में निवेश करता है तो उसे लॉन्ग टर्म केपिटल गेन टैक्स में छूट मिलेगी। यह नियम 54 ईसी के तहत लागू किया गया है। लेकिन ये लाभ तभी मिलेगा जब इस बॉन्ड को कम से कम तीन साल तक के लिए रखा जाएगा।