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ताजमहल से लेकर चावल जितनी छोटी जूती तक, ऐसे अजूबे
Wed, 18 Nov 2015 05:57 PM IST
Updated Wed, 18 Nov 2015 05:57 PM IST
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इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मेक इन इंडिया थीम विदेशी कंपनियों पर भारी पड़ रही है। मेक इन इंडिया के चलते देसी कंपनियां ऐसी तकनीक दुनिया के सामने लेकर आई हैं, जो कि सस्ती व टिकाऊ होने के साथ-साथ आधुनिक भी हैं। खास बात यह है कि मेले में टेक मार्ट से लेकर राज्यों के पवेलियन में दर्शकों को सस्ते भारतीय सोलर पैनल से लेकर ऐसी ईंट भी मिलेंगी, जोकि ग्लोबल वार्मिंग में ईको फ्रेंडली होने का संदेश दे रही हैं। (ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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ताजमहल- ट्रेड फेयर में इस वक्त ताजमहल भी बिक रहा है। इसकी कीमत करीब ढाई लाख रुपये है, जबकि ताज का दीदार मुफ्त में किया जा सकता है। मजेदार यह है कि ताज की तैयारी में छह साल लगे हैं। बिहार पवेलियन में ताज के इकलौते पीस की दीदारी-खरीददारी संभव है। दरअसल, पेशे से कारीगर बिजेता नंद करीब दस साल पहले आगरा गए थे। वहां उन्होंने मुगलिया स्थापत्य की अनूठी रचना ताजमहल का दीदार किया। बिजेता को ताज की खूबसूरती इस कदर भा गई कि उन्होंने इसे अपने हुनर में ढालने की ठान ली।
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लकड़ी, चूना व दूसरी इसी तरह की चीजों के सहारे बिजेता ने 2008 में अपना काम शुरू किया। छह साल की मेहनत के बाद उनका ताज बिहार पवेलियन में धूम मचा रहा है। इसकी लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई का अनुपात 84, 81 व 52 सेंटीमीटर है, जबकि भार 25 किग्राम है। बिजेता ने बताया कि हमारी कोशिश ताज की हर खूबी को इसमें समेटने की थी। इसके लिए ताज की स्थापत्य का हर कोण से अध्ययन किया।
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कई इतिहासकारों से भी बात की। इससे छोटी-छोटी नक्काशी में भी हफ्तों का समय लगा। छह साल की मेहनत के बाद फिलहाल ताज तैयार हो सका। इसकी कीमत ढाई लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की तरफ से इसी तरह पटना साहिब की इमारत बनाने की भी मांग आई है। जल्द ही इस पर काम शुरू करूंगा।
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बांस का बोधिवृक्ष- बिहार पवेलियन में प्रवेश करते ही बोधिवृक्ष के दर्शन होते हैं। पूरा वृक्ष करीब दो हजार बांस के सहारे तैयार किया गया है, जबकि वृक्ष के चारों तरफ बिहार के नौ महापुरुषों की पेंटिंग लगी है। इसमें महात्मा बुद्ध व महावीर के अलावा सम्राट अशोक, आर्यभट्ट, मिथिला पेंटर जगदंबा देवी, गुरु गोबिंद सिंह, रामधारी सिंह दिनकर और जयप्रकाश नारायण की तस्वीरें हैं। इसके जरिये बिहार की समृद्ध विरासत पेश करने की कोशिश की गई है।
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