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आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

Wed, 08 Jul 2015 08:53 PM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 08:53 PM IST
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आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

woodabe tribe where wife stealing festival is celebrated

इस फोटो-स्टोरी से हम आपको मिलवाना चाहते हैं एक ऐसी जनजाति से जहां औरतों को नहीं बल्कि मर्दों को अपने लुक का ख्याल रखना होता है और स्‍त्री पाने के लिए जतन करने होते हैं।

आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

woodabe tribe where wife stealing festival is celebrated
कहते हैं कि सजने-संवरने में महिलाएं जितना वक्त लेती हैं उतने में तो किसी का सिर दर्द हो जाए। लेकिन आइए घूमें एक ऐसी जगह जहां मर्दों को औरतों का प्यारा बनने के लिए नाकों चने चबाने पड़ते हैं।       सभी तस्वीरें डेली मेल से।

आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

woodabe tribe where wife stealing festival is celebrated
साउथ अफ्रीका के साहेल नाम की जगह पर  वूडाबी नाम की जनजाति के लोग रहते हैं। साहेल एक रेगिस्तान है जो पूरे साउथ अफ्रीका को कवर करता है।

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आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

woodabe tribe where wife stealing festival is celebrated
वूडाबी जनजाति में पुरुषों को गैर मर्द की ‌स्त्रियों को चुराने के रिवाज है। वहां जिंदगी में पार्टनर कौन होगा, इसका चुनाव महिलाएं ही करती हैं। मर्दों को उन्हें रिझाने होता है।

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आईने से चिपके रहते हैं यहां मर्द, रिझाते और चुराते हैं गैरों की बीवियां

woodabe tribe where wife stealing festival is celebrated
वहां गैर मर्दों की पत्नियों को चुराने का त्योहार मनाया जाता है जिसके ‌लिए जनजाति के मर्द सालभर लगकर मेहनत करते हैं।

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