प्रथम विश्व युद्ध की दुर्लभ कारें, इनसे लड़ी गईं बड़ी लड़ाइयां
जुलाई 1914 से नवंबर 1918 तक चले यूरोप केंद्रित प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इन दुर्लभ कारों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। देखें दस दुर्लभ कारें।
प्रथम विश्व युद्ध की दुर्लभ कारें, इनसे लड़ी गईं बड़ी लड़ाइयां
जुलाई 1914 से नवंबर 1918 तक चले यूरोप केंद्रित प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इन दुर्लभ कारों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। देखें दस दुर्लभ कारें।
प्रथम विश्व युद्ध की दुर्लभ कारें, इनसे लड़ी गईं बड़ी लड़ाइयां
भाप के इंजन से चलने वाली डेविडसन ऑटोमोबाइल बैटरी आर्मर्ड कार साल 1901 में तैयार हुई थी जिसे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल में लाया गया। इलिनियॉस के हाइलैंड पार्क की नॉर्थवेस्टर्न मिलिट्री और नेवल एकेडमी के छात्रों ने रॉयल पेज डेविडसन की सहायता से इसे तैयार किया था। इसमें 30 कैलिवर की मशीनगन लगाई गई थी।
प्रथम विश्व युद्ध की दुर्लभ कारें, इनसे लड़ी गईं बड़ी लड़ाइयां
इस मोटर वॉर कार को दुनिया की पहली बख्तरबंद गाड़ी माना जाता है। इसे साल 1899 में ब्रिटेन के एफ.आर. सिम्स ने तैयार किया था। इस कार को मेटल की मोटी परत से कवर किया गया था। कार में 14 हॉर्सपावर का इंजन लगा था जिससे कार 14.5 किलोमीटर प्रतिघंटे की टॉप स्पीड से चल सकती थी।
प्रथम विश्व युद्ध की दुर्लभ कारें, इनसे लड़ी गईं बड़ी लड़ाइयां
क्वाड्रीसाइकिल पेट्रोल से चलने वाली दुनिया की पहली आर्मी कार थी। इसे साल 1898 में ब्रिटेन के एफ.आर. सिम्स ने ही तैयार किया था। इसमें सामने की तरफ एक ढाल का इस्तेमाल किया गया था। साइकिल नुमा इस कार पर मशीनगन भी इस्तेमाल की जाती थी।