ये हैं अंतिम संस्कार करने की 10 अजीबो गरीब परंपराएं
जन्म हो या मृत्यु्, इनसे जुड़ी परंपराएं हर समाज में होती हैं। कई परंपराओं से हम वाकिफ होते हैं और कई से नहीं। दुनिया की चंद ऐसी ही परंपराओं का जिक्र यहां किया जा रहा है, ये परंपराएं आपको चौंका सकती हैं।
ये हैं अंतिम संस्कार करने की 10 अजीबो गरीब परंपराएं
क्या आप जानते हैं कि मैडागास्कर में मलागासी लोग फामाडिहाना नाम की एक परंपरा का पालन करते हैं। इस परंपरा में वो साल में एक बार अपने मृत परिजनों को कब्र से बाहर निकालते हैं। उन्हें वापस नए कपड़े पहनाते हैं और लाशों के साथ नाचते हैं। ऐसा कर वो इस बात को जाहिर करते हैं कि मौत हो जाने के बाद भी उनके परिवार के मृत लोग उनके दिलों में जिंदा हैं। (सभी तस्वीरें वंडरलिस्ट और मेंटलफ्लॉस से।)
ये हैं अंतिम संस्कार करने की 10 अजीबो गरीब परंपराएं
ऐसे भी कुछ लोग हैं जो अगर भगवान में विश्वास नहीं करते, तो परिवार में किसी के मर जाने के बाद किसी खास तरह के पूजा-पाठ का पालन नहीं कर पाते। तो ऐसे में वो उन्हें कपड़े में लपेटकर पेड़ों से बांध देते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से मृत परिजन उनके पास ही रहते हैं। अपने ही लोगों को पेड़ों पर लटका देखने के बाद उनका विश्वास भी मजबूत होता है कि शरीर सदा नहीं रहता और उन्हें भी एक दिन मरना ही है।
ये हैं अंतिम संस्कार करने की 10 अजीबो गरीब परंपराएं
चीन में कुछ पुरातत्वविदों को एक पहाड़ पर कई ताबूत लटके मिले। उन्होंने इसकी वजह का पता लगाया। पता चला कि चीन में सालों पहले राजघरानों में रहने वाले लोग अपने मृत परिवारजनों को ताबूत में डालकर पहाड़ पर लटका देते थे। लटकाने का मतलब था उन्हें इज्जत देना और भगवान के करीब पहुंचाना।
ये हैं अंतिम संस्कार करने की 10 अजीबो गरीब परंपराएं
उत्तरी अमेरिका के सुदूर इलाकों में अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो वो किसी के मर जाने पर उसके शरीर को दूर जंगल में यूं ही फेंक आते हैं। ऐसे मृत लोगों की बड़ी संख्या होती है। उन लोगों का मानना है कि मृत शरीर को जलाकर या दफनाकर बेकार नहीं करना चाहिए। मरने के बाद भी शरीर भूखे जानवरों को पेट भर सकता है और ऐसा करना ही चाहिए।