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तस्वीरें: इनके बल पर अमेरिका जीता है अपनी लड़ाइयां
Sun, 14 Jun 2015 11:05 AM IST
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:05 AM IST
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तस्वीरें: इनके बल पर अमेरिका जीता है अपनी लड़ाइयां
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अमरीका में विलिस और फ़ोर्ड की मूल जीप की तरह ही छह चक्कों वाले डीयूकेडब्ल्यू ट्रक का इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ था. इसके बारे में ज्यादा जानकारी इनके नाम के अक्षर से ही मिल जाती है. डी- 1942 में बना हुआ. यू- यूटिलिटी ट्रक. के- फ्रंट व्हील ड्राइव. डब्ल्यू- रियर व्हील ड्राइव. डीयूकेडब्ल्यू को डक नाम से भी जाना जाता था. 92 हॉर्सपावर के छह सिलिंडर का इंजन 6804 किलोमीटर वज़न को खींच सकता था. हालांकि इसकी स्पीड कम थी. लेकिन इससे लगातार काम लेना संभव है. युद्धरत जीपों की तरह ये बुलेट प्रूफ़ गाड़ी ही थी. 1942 से 1945 के बीच 21 हजार डक जीपें बनाई गईं हैं. बोस्टन और लंदन में ये जीप नज़र आती है. अमरीका के शिकागो स्थित डीयूकेडब्ल्यू जैसी कई कंपनियां डक की सर्विस मुहैया कराती हैं. 80 साल पुरानी ये गाड़ी सड़क और पानी में चलाई जा सकती है. तस्वीर में दिख रही गाड़ी की नीमाली 2014 में 78,775 डॉलर में हुई थी.
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मर्सिडीज के इस सैन्य वाहन को 30 साल के बाद रिवाइज करके आम लोगों के जीप में तब्दी किया गया है. स्टैंडर्ड जी63 एमजी 6 गुना 6 पैक में दो टर्बो 5.5 लीटर वी8 इंजन का इस्तेमाल किया गया है. यह इंजन जेट्रो ट्रक के इंजन जैसा है. हालांकि इस वाहन को उत्तरी अमरीका या फिर दाएं हाथ ड्राइव वाले देश में चलाने की कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी. यही वजह है कि मर्सिडीज़ ने इसका उत्पादन बेहद सीमित संख्या में करने की बात कही है. इसकी कीमत जर्मनी में 5.23 लाख डॉलर के करीब होगी.
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रुस की गैज़ टाइगर जीप अमरीकी हमर जैसी दिखती है. लेकिन यह महज़ संयोग भर है. इसका इंजन 5.9 लीटर डीज़ल का होता है, जो सिक्स स्पीड मैनुएल ट्रांसमिशन को हासिल कर सकता है. आम लागों के लिए बने टाइगर को थोड़ा आरामदायक बनाया गया है. चमड़े के सामान का इस्तेमाल किया जाता, एयरकंडीशनर और ऑडियो सिस्टम भी उपलब्ध होता है. इसे खरीदना ना तो आसान है और ना ही सस्ता. इसके लिए रुस में आपको 1.1 लाख डॉलर खर्च करना होगा.
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अमरीका में हर साल होने वाली ईस्टर जीप सफ़ारी में हजारों युवा हिस्सा लेते हैं. एक सप्ताह चलने वाली इस जीप सफ़ारी के दौरान जीप डिजाइनरों और इंजीनियरों के सामने बेहतरीन प्रदर्शन की चुनौती होती है. सैन्य स्टॉफ़ कार उन सात जीपों में है जिनकी झलक इस साल की जीप सफ़ारी के दौरान देखने को मिलेगी. सफ़ारी में लांच होने वाली ये 49वीं जीप होगी. ये जीप रैंगलर अनलिमिटेड पर आधारित है. इसकी खासियत खुला फेंडर और लो-बैक बेंच सीट है जिसका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान होता है. स्टील बीम फ्रंट और रियर बंपर जीप जे8 सैन्य ट्रक से अपनाया गया है. इसको पावर रैंगलर 3.6 लीटर गैसोलिन वी-6 इंजन से मिलेगा. वैसे इस जीप में एक कूलर बॉक्स भी है, जिसमें आप 85 बोतलें और कैन एक साथ रख सकते हैं. इसकी कीमत बताई नहीं गई है, लेकिन रैंगलर अनलिमिटेड की कीमत 40,990 डॉलर थी.
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शायद आपको ऐसा लग रहा होगा, लेकिन ये कोई बच्चों का स्कूटर नहीं है. अमरीका और इजराइल में इस वाहन का इस्तेमाल किया जाता है. इसे आप युद्ध क्षेत्र में स्कूटर जैसा वाहन कह सकते हैं. इसे अमरीकी स्कूटर निर्माण कंपनी गो-पैड ने बनाया है, इसका नाम है नाइटराइडर. इसे आप कमतर न आंकें, ना ही इसे खिलौना समझें. गो-पैड होवरबोर्ड के इलेक्ट्रिक स्कूटर और पुलिस स्पेक ईएसआर-750 पोर्टेबल पेट्रोल व्हीकल को मिलाकर इसे तैयार किया गया है. नाइटराइडर में लिथियम-आयन पॉलीमर बैटरी पैक का इस्तेमाल होता है. इस इलेक्ट्रिक मोटर से 25 मील की यात्रा की जा सकती है और इसकी अधिकतम स्पीड 19 मील प्रति घंटा है. इसे देखकर आपके मन में ये सवाल तो नहीं उठ रहा है कि इसका इस्तेमाल कौन करेगा. टेक्टिकल डिविजन के चीफ़ एक्जीक्यूटिव डॉ. रैन लापिड कहते हैं, "मैं केवल इतना कहता हूँ कि इसकी टेस्टिंग और इस्तेमाल दुनिया के ख़ास कमांडो दस्ते कर चुके हैं." इसकी कीमत 4,700 डॉलर के करीब है.
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