ज्यादातर वास्तुशास्त्री भी पूजा घर को भवन के उत्तर व पूर्व दिशा के मध्य के भाग ईशान कोण में रखने की सलाह देते हैं और जरुरत पड़ने पर घर में तोड़-फोड़ भी कराते हैं। यह सही है कि ईशान कोण में पूजा का स्थान होना शुभ होता है क्योंकि ईशान कोण का स्वामी ग्रह गुरु है। लेकिन अन्य दिशाओं में भी पूजा घर रखा जा सकता है। घर की विभिन्न दिशाओं में पूजा स्थान होने का प्रभाव किस प्रकार का होता है जानिए वास्तुशास्त्री कुलदीप सलूजा से।
पूजा घर का आपके जीवन पर ऐसा असर होता है
Updated Thu, 16 Oct 2014 04:47 PM IST
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