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लवजॉय धूमकेतु आया धरती के करीब, जानिए क्या है इसका असर
Wed, 28 Oct 2015 04:11 PM IST
Updated Wed, 28 Oct 2015 04:11 PM IST
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ज्योतिषशास्त्री 'सचिन मल्होत्रा' बताते हैं आज से दो हजार वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक आचार्य वराहमिहिर ने अपने ग्रन्थ बृहत्-संहिता में धूमकेतुओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पृथ्वी पर उनके प्रभाव का गहन अघ्ययन प्रस्तुत किया था। वराहमिहिर ने प्राचीन ऋषियों जैसे पराशर, गर्ग, नारद आदि के शोध अनुसार 1000 से अधिक धूमकेतुओं के उदय होने के फलों का वर्णन अपने ग्रन्थ में आज से 2000 वर्ष पूर्व लिख दिया था।
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नासा के वैज्ञानिकों के एक नए शोध के अनुसार धरती के सबसे करीब रहने वाले धूमकेतु में से एक लवजॉय से हर सेकंड 500 बोतल वाइन (शराब ) के बराबर इथाइल एलकोहल व शकर्रा निकल रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार लवजॉय धूमकेतु धरती के लिए बेहद शुभ है क्यूंकि इससे निकलने वाला रसायन एक प्रकार की खुमारी सी पैदा करती है।
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ज्योतिषशास्त्री 'सचिन मल्होत्रा' बताते हैं आज से दो हजार वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक आचार्य वराहमिहिर ने अपने ग्रन्थ बृहत्-संहिता में धूमकेतुओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पृथ्वी पर उनके प्रभाव का गहन अघ्ययन प्रस्तुत किया था। वराहमिहिर ने प्राचीन ऋषियों जैसे पराशर, गर्ग, नारद आदि के शोध अनुसार 1000 से अधिक धूमकेतुओं के उदय होने के फलों का वर्णन अपने ग्रन्थ में आज से 2000 वर्ष पूर्व लिख दिया था।
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इस धूमकेतु के फलों के साथ यदि हम ग्रहों का गोचर देखें तो सितंबर के महीने से नजदीकी अंशों में चल रहे मंगल और शुक्र प्रेम-प्रसंगों में नया मोड़ ला सकते हैं।नवंबर के पहले सप्ताह में मंगल और शुक्र कन्या राशि में राहु से जा मिलेंगे यह योग प्रेमी जोड़ों में तीव्र आकर्षण और अलगाव पैदा कर सकता है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को पुरुषों में काम-इच्छा का तथा मंगल को स्त्रियों में काम-इच्छा का कारक माना गया है। जब यह दोनों ग्रह राहु के साथ मिल जाते हैं तो काम विकारों और सेक्स-स्कैंडल को जन्म देते हैं l
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शुक्र-मंगल-राहु की यह युति नवंबर के महीने में फिल्म व कला-जगत की बड़ी हस्तियों तथा अन्य हाईप्रोफाइल लोगों के प्रेम-प्रसंगों व सेक्स-स्कैंडल को उजागर कर सकती है। इसके अतरिक्त वह प्रेमी जोड़े जो त्रिक भावों की दशा-अंतर्दशा से गुजर रहे हैं अपने प्रेम-प्रसंगों में अचानक से अलगाव व पीड़ा महसूस कर सकते हैं। किन्तु शुभ त्रिकोण भावों की दशा में चल रहे प्रेमियों के लिए शुक्र-मंगल-राहु की यह युति और लवजॉय धूमकेतु का सम्मलित प्रभाव उनके प्रणय को विवाह के सुखद बंधन की ओर लेकर जा सकता है।
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