क्या आपको भी कभी कभार अपनी लाइफ पार्टनर का मूड समझ में नहीं आता? या फिर आपकी बेटी, बहन या मां किसी चीज में रूचि ले रही है ये आप बिल्कुल भी समझ नही पा रहे? अगर आपके आस पास भी किसी भी महिला का मूड या व्यवहार आपको कुछ बदला-बदला लग रहा है तो उसे आपकी जरूरत है। ये अवसाद की निशानी भी हो सकती है। यहां बताए जा रहे तरीकों से जानिए कहीं आपके घर में या फ्रेंड सर्किल में कोई महिला डिप्रेशन की शिकार तो नहीं...
इन 5 तरीकों से करें किसी भी महिला में डिप्रेशन की पहचान
मूड में परिवर्तन
अवसाद में महिलाओं के साथ अक्सर मूड स्विंग की समस्या होती है यानी बहुत जल्दी-जल्दी उनका मूड बदल जाता है। कई बार मूड इस कदर बदलता है कि उन्हें घबराहट के दौरे तक पड़ने शुरू हो जाते हैं। इस स्थिति में अवसाद की वजह कोई विशेष परिस्थिति, हार्मोन की गड़बड़ी या फिर एलर्जी हो सकती है।
अरुचि
अवसाद की स्थिति में कई बार हर बात से रुचि खत्म होने लगता है। महिलाएं अपनी दिनचर्या या आस-पास के लोगों में रुचि कम कर देती हैं। कई बार अवसाद की वजह से वे किसी भी बात पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पातीं और बात-बात पर अपना आपा खोने लगती हैं।
डाइट में परिवर्तन
कई बार अवसाद की स्थिति में महिलाओं की डाइट प्रभावित होती है। अच्छा महसूस करने के लिए वे बहुत अधिक खाती हैं या फिर अवसाद में दुखी होकर भोजन ही नहीं करतीं। दोनों परिस्थितियों में अवसाद का प्रभाव डाइट पर हो सकता है।
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नींद
अवसाद का हमारी नींद से बहुत गहरा संबंध है। खासतौर पर महिलाओं पर अवसाद के दो तरह से प्रभाव पड़ते हैं, या तो उन्हें नींद नहीं आती या फिर नींद बहुत अधिक आती है। अगर सोने में उन्हें इस तरह की समस्या हो तो इसे अवसाद के लक्षण मान सकते हैं। इसके अलावा वें हमेशा थकीं- थकीं भी रहती हैं।