दिल्ली एसिड अटैक ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लड़कियों को खुद की सुरक्षा अनिवार्य रूप से आनी ही चाहिए।
दिल्ली और पूरे देश में स्टॉकिंग के बढ़ते मामले आगे जाकर लड़की की नृशस हत्या में तब्दील हो जाती है। एक तरफा प्यार का जुनून किसी लड़की की जिंदगी पर कितना भारी पडता है ये कोई नहीं जान पाता।
सवाल उठता है कि स्टॉकिंग से लड़कियां खुद को कैसे महफूज रखें, कैसे उनकी सिक्स सेंस अपने आस-पास टहल रही आफत को नोटिस कर ले और उन्हें सुरक्षित करे।
दिलजलों की स्टॉकिंग से कैसे बचें लड़कियां
- घर से बाहर निकलने पर अगर आपको सुनसान रास्ते पर चलना पड़ता है तो कानों में हेडफोन लगाकर चलें। उसमें गाने ना बजाएं लेकिन अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहे है तो तुरंत किसी से फोन पर बात करना शुरू कर दें या उसे ऐसे दिखाएं कि पूरे रास्ते आप किसी से बात कर रही है और आपका जानने वाला बीच रास्ते पर मिलने वाला है। फोन बाहर ना निकालें क्योंकि मनचला आपका फोन लेकर भाग सकता है।
दिलजलों की स्टॉकिंग से कैसे बचें लड़कियां
- ऑफिस से निकलते समय अंधेरा हो गया है तो कैब या पर्सनल ऑटो कर लें। सुनसान रास्ते पर अकेले जाने से बचें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जब भी कैब या ऑटो में बैठें तो उसका नंबर अपने किसी जानने वाले को दे दें और पूरे रास्ते फोन पर किसी से बात करते रहें।
दिलजलों की स्टॉकिंग से कैसे बचें लड़कियां
- लड़कियों को हमेशा से ही बैग में पेपर स्प्रे रखने की सलाह दी जाती है लेकिन इसके अलावा आपको बैग में एक चाकू भी जरूर रखना चाहिए। साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपके पास कुछ नहीं है तो ये आपके काम आएगी।
दिलजलों की स्टॉकिंग से कैसे बचें लड़कियां
- एसिड अटैक कब किस पर हो जाए, नहीं पता। लेकिन अगर कोई आपसे बेहद गुस्सा है और धमकियां दे रहा है तो इसके लिए आपको पहले से ही तैयार रहना चाहिए। आपको तुरंत पुलिस को इस बात की जानकारी देनी चाहिए और महिला हेल्पलाइन की भी मदद लेने से कतराएं नहीं।
घर से कभी भी अकेले ना निकलें, हमेशा दोस्तों के साथ रहें और काला चश्मा पहनकर रखें। अगर कोई एसिड अटैक का शिकार हो जाए तो तुरंत प्रभावित हिस्सों पर पानी डाल दें, इससे उसे थोड़ी राहत मिलेगी।