26 दिसंबर 2019 को इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। सनातन धर्म के मान्यता अनुसार ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ छोड़कर किसी भी काम की मनाही होती है। ग्रहण के दौरान खासकर गर्भवती महिलाओं को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय निकलने वाली दूषित किरणें गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर डालती हैं। जिसका असर गर्भवती महिला के होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। इस तथ्य के पीछे कुछ धार्मिक तो कुछ वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं। हालांकि कुछ बातों को ध्यान में रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान किन बातों का ख्याल रखना चाहिए....
Solar Eclipse 2019: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें खास ध्यान
नुकीली चीजें
ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जैसे चाकू, कैंची, सूई आदि। शास्त्रों में यह भी कहा जाता है कि न सिर्फ गर्भवती महिलाएं बल्कि उनके पति भी इस समय इन चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उसके शिशु के अंगों को हानि पहुंच सकती है।
बाहर न जाएं
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिला अगर ग्रहण देख लेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। जिसकी वजह से शिशु गंदे लाल चिन्हों के साथ पैदा होता है। जन्म के बाद बच्चे के शरीर पर कोई न कोई दाग जरूर पड़ जाता है।
ग्रहण के दौरान बना खाने से बचें
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बना हुआ खाना नहीं खाना चाहिए।कहा जाता है कि इस समय में पड़ने वाली हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं।ऐसे में अगर घर पर खाना बना हो तो उसमें तुरंत तुलसी के पत्ते डाल दें। ग्रहण खत्म होने के बाद उन्हें निकाल दें। ऐसा करने से ग्रहण के बाद भी खाना शुद्ध रहता है।
ग्रहण के बाद
मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिला को जरूर स्नान कर लेना चाहिए नहीं तो शिशु को त्वचा संबधी रोग लग सकते हैं। ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी पत्ती जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।