स्कूल की स्ट्रिक्ट लाइफ के बाद वो पहला मौका होता है जब मां-बाप बच्चों को थोड़ा बड़ा समझकर आजादी देते हैं। कॉलेज में आते ही लड़के-लड़कियों के बीच एक खास तरह की बॉडिंग बननी शुरू हो जाती है। यही वो समय होता है जब दोनों अपनी पसंद से कुछ भी पहन सकते हैं या अपने कुछ खास दोस्त बना सकते हैं।
अक्सर देखा गया है कि कॉलेज में ही ब्वॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बनाने का चलन शुरू होता है। जिसमें दोस्ती की शुरूआत ज्यादातर लड़कियों की ही तरफ से की जाती हैं। आइए हम आपको बताते हैं कुछ दिलचस्प रीजन्स जो बताते हैं कि आखिर क्यों लड़कियों को कॉलेज में चाहिए ब्वॉयफ्रेंड।
इमोशनल स्पोर्ट
कई बार बहुत सी ऐसी बातें होती हैं जो लड़कियां अपने पैरेंट्स से शेयर नहीं कर पाती हैं। ऐसे में उन्हें एक दोस्त की तलाश होती हैं जिसके साथ वो अपनी सारी बातें शेयर कर सके।
अकेलापन नहीं
कॉलेज में आते ही लड़के-लड़कियों का ध्यान घूमने-फिरने में ज्यादा होता हैं। ऐसे में आपकी बेस्ट फ्रेंड अपने ब्वॉयफ्रेंड को छोड़कर आपके लिए हमेशा फ्री रहे ये जरूरी नहीं हैं। अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए भी लड़कियां ब्वॉयफ्रेंड बनाती हैं।
बॉलीवुड से प्रेरित
आजकल बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को देखकर ब्वॉयफ्रेंड बनाने का ट्रेंड सा चल पड़ा है। मूवी देखकर लड़कियां भी अपने ब्वॉयफ्रेंड में शाहरूख खान देखने लगती हैं।
सुरक्षा का भाव
ब्वॉयफ्रेंड के साथ होने से लड़कियां खुद को बेहद महफूज फील करती हैं। उन्हें लगता हैं कि अगर उनका ब्वॉयफ्रेंड उनके साथ होगा तो कोई उनके साथ गलत व्यवहार नहीं कर पाएगा।