हममें से कई लोगों को बचपन में ये कहा जाता रहा है कि मज़बूत हड्डियों के लिए दूध पीना चाहिए। ये सुनने में सच भी लगता है क्योंकि दूध में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों में पाए जाने वाले मिनरल के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन दूध पीने से हड्डियों के मजबूत होने का संबंध जितना सरल लगता है ये उतना ही जटिल है।
क्या दूध पीने से हड्डियां सच में मजबूत होती हैं?
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इस टीम ने ऐसा ही एक अध्ययन तीन लाख 30 हजार पुरूषों पर किया और यहां भी हड्डियों के फ़्रैक्चर होने पर दूध पीने का कोई असर नहीं नज़र आया। साल 2015 में न्यूज़ीलैंड की एक टीम ने दूध के ही इस असर को समझने के लिए एक ट्रायल किया, जिसमें कुछ लोगों के आहार में कैल्शियम तत्वों वाली चीजों को जोड़ा गया। इस टीम ने ऐसे ही पुराने 15 अध्ययनों की भी दोबारा समीक्षा की और पाया कि दो सालों तक तो कैल्शियम से हड्डियों के घनत्व पर असर पड़ा है लेकिन दो साल बाद वक्त के साथ दूध से हड्डियों पर कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता।
शरीर में कैल्शियम की आपूर्ति के लिए कैल्शियम सप्लिमेंट भी लिए जाते हैं, लेकिन उनके लंबे इस्तेमाल के खतरे भी हैं। न्यूज़ीलैंड की इस टीम ने कैल्शियम के सप्लिमेंट के असर को समझने के लिए 51 अन्य ट्रायल भी किए। इसमें सामने आया कि इनसे भी हड्डियों का मजबूत होना एक या दो साल बाद बंद हो जाता है। ये कैल्शियम सप्लिमेंट बढ़ती उम्र के साथ सिर्फ हड्डियों के मिनरल के नुकसान को कम कर सकता है या रोक सकता है।
इन्हीं डेटा का जब अन्य देशों ने अध्ययन किया तो उन्होंने इसके मुताबिक रोजाना खाने में कैल्शियम की मात्रा अलग-अलग तय की। जैसे अमरीका में रोजाना खाने में कैल्शियम की मात्रा को यूके और भारत के मुकाबले दोगुना रखा। अमरीका में हर दिन एक शख्स को 227 मिली लीटर दूध पीने के लिए कहा जाता है।
दूध हमारे लिए कितना फायदेमंद है और कितना नहीं इसी बहस के बीच साल 2014 में दो नई स्टडीज सामने आईं जिसके मुताबिक जो लोग दिन में तीन ग्लास या उससे ज्यादा दूध पीते हैं उनकी हड्डियों को इससे कोई फायदा नहीं होता बल्कि ये नुकसानदेह हो सकता है।
साल 1987 और 1997 में स्वीडेन की उप्पसला यूनिवर्सिटी और कारोलिस्का इंस्टीट्यूट ने कुछ लोगों से उनके आहार में दूध की खपत से जुड़ी एक प्रश्नावली दी। साल 2010 में इन लोगों की मृत्युदर का अध्ययन किया गया, इसमें पाया गया कि जो लोग रोजाना एक ग्लास दूध पीते हैं, उनकी हड्डियों में टूटने की घटना भी सामने आईं साथ ही उनकी मौत भी जल्दी हुई।
स्वीडेन के अध्ययनों में भाग लेने वालों से उनकी दूध के इस्तेमाल का औसत पूछा गया था। ऐसे में इन लोगों ने प्रश्नावली में सिर्फ यही बताया कि वे दूध कितना लेते हैं लेकिन इसके अलावा खाने में दूध की कई चीजों का इस्तेमाल भी होता है।
इन अध्ययनों में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी डाइट की सलाह देने से पहले इन डेटा का दोबोरा अध्ययन करने की जरूरत है। अब तक जो भी अध्ययन सामने आए हैं उन्हें मिलाकर जो सामने आ रहा है उसके मुताबिक अगर आप दूध पीते हैं तो ये ठीक है। संभव है कि हड्डियों पर इसका असर हो, लेकिन हड्डियों के मजबूत रखने के दूसरे तरीके भी हो सकते हैं। व्यायाम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसके लिए आप धूप लें, ठंड के दिनों में विटामिन डी सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।